सूरजपुर में शर्मनाक: ‘फ्री में पढ़ते हो, काम तो करना पड़ेगा’ – DAV स्कूल की प्रिंसिपल पर RTE छात्रों से मजदूरी कराने का आरोप

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सूरजपुर (छत्तीसगढ़)। शिक्षा के मंदिर से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। सूरजपुर जिले के तिलसिवां स्थित मुख्यमंत्री DAV पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल पर आरोप है कि उन्होंने शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत पढ़ रहे मासूम बच्चों से स्कूल में सीमेंट-रेत का मसाला बनवाया और पुताई करवाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं।

“फ्री में पढ़ते हो, हक है तुम्हारा” – प्रिंसिपल की दलील?

छात्रों ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत करते हुए बताया कि प्रिंसिपल विधु शर्मा उन्हें जबरन निर्माण कार्यों में लगाती हैं। विरोध करने पर प्रिंसिपल का तर्क होता है कि “तुम लोग फ्री में पढ़ते हो, इसलिए काम करना तुम्हारा हक और जिम्मेदारी है।” काम न करने वाले छात्रों को टीसी (TC) काटकर स्कूल से निकालने की धमकी भी दी जा रही है।

परिजनों से बदसलूकी और गंभीर आरोप

परिजनों ने आरोप लगाया कि जब वे इस मामले की शिकायत करने स्कूल पहुँचे, तो प्रिंसिपल ने उन्हें गेट के बाहर निकाल दिया। शिकायत के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • मजदूरी: बच्चों से रेत-सीमेंट ढुलवाना और क्लासरूम की पुताई करवाना।
  • दुर्व्यवहार: परिजनों से कहा गया कि “तुम्हारे बच्चों को फ्री बैग, बिजली और किताबें मिल रही हैं, तो काम क्यों नहीं करेंगे?”
  • आवास का विवाद: प्रिंसिपल पर स्कूल की एक कक्षा को अपने पति के साथ निजी आवास के रूप में इस्तेमाल करने का भी आरोप है।

सबूत के तौर पर वीडियो और फोटो पेश

शिकायतकर्ताओं ने साक्ष्य के रूप में बच्चों का काम करते हुए वीडियो और तस्वीरें प्रशासन को सौंपी हैं। वीडियो में बच्चे बाकायदा राजमिस्त्री की तरह मसाला तैयार करते और दीवारों की पुताई करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो करीब 20-25 दिन पुराना बताया जा रहा है।

DEO ने गठित की 3 सदस्यीय जांच टीम

कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अजय मिश्रा ने मामले की तहकीकात के लिए 3 सदस्यीय विशेष टीम बनाई है:

  1. लता बेक (सहायक संचालक योजना) – अध्यक्ष
  2. हरेंद्र सिंह (बीईओ सूरजपुर) – सदस्य
  3. पुष्पा राय (प्राचार्य, सेजेस जयनगर) – सदस्य

टीम को 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रिंसिपल का पक्ष

वहीं, आरोपी प्रिंसिपल विधु शर्मा ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि यह शिकायत द्वेषवश की गई है और जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

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