dr newsindia.com /नई दिल्ली
बाजार में आज एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच निवेशक अब सुरक्षित निवेश (Metals) के बजाय लिक्विड कैश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
आज के ताजा भाव (19 मार्च, 2026)
| धातु | मौजूदा कीमत | गिरावट (आज) | पिछला भाव (18 मार्च) |
| सोना (24 कैरेट, 10g) | ₹1.52 लाख | ₹4,000 ↓ | ₹1.56 लाख |
| चांदी (1 किलो) | ₹2.37 लाख | ₹13,000 ↓ | ₹2.50 लाख |
कीमतों में क्रैश: शिखर से अब तक का सफर
साल 2026 की शुरुआत में सोने-चांदी ने जो रफ्तार पकड़ी थी, वह अब थमती नजर आ रही है। पिछले 49 दिनों में निवेशकों को भारी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा है।
1. सोने का हाल: ₹1.76 लाख से ₹1.52 लाख तक
- 31 दिसंबर 2025: ₹1.33 लाख से साल की शुरुआत।
- ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख (ऐतिहासिक उछाल)।
- कुल गिरावट: अपने उच्चतम स्तर से अब तक ₹25,000 की कमी।
2. चांदी का हाल: ₹3.86 लाख से ₹2.37 लाख तक
- 31 दिसंबर 2025: ₹2.30 लाख पर थी।
- ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख।
- कुल गिरावट: पिछले 49 दिनों में चांदी ₹1.49 लाख सस्ती हुई है।
गिरावट के 3 बड़े कारण: आखिर क्यों टूट रहे हैं दाम?
आमतौर पर युद्ध के समय सोने के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार ‘कैश’ की डिमांड ने खेल बदल दिया है:
- लिक्विडिटी (नकद) की चाह: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाहते। वे अपनी धातुओं को बेचकर ‘कैश’ (Cash) इकट्ठा कर रहे हैं ताकि आपात स्थिति में पैसा हाथ में रहे।
- भारी प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर थीं, जिसके कारण बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। बाजार में अचानक सप्लाई बढ़ने से कीमतें नीचे आ गईं।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व: अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख ने भी बुलियन मार्केट की चमक कम कर दी है।
विशेषज्ञ की राय: कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार, “गिरावट का यह दौर अभी जारी रह सकता है। सोना ₹1.50 लाख तक गिर सकता है। निवेशकों को फिलहाल नई खरीदारी से बचना चाहिए।”




