स्थापना दिवस से पहले सरकार लेगी 5200 करोड़ का कर्ज, लाड़ली बहना योजना और परियोजनाओं के भुगतान में होगा इस्तेमाल

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भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश स्थापना दिवस (1 नवंबर) से पहले 5200 करोड़ रुपए का नया कर्ज लेने जा रही है। यह कर्ज मंगलवार को लिया जाएगा, जिसका भुगतान 29 अक्टूबर को सरकार को करना होगा। बताया जा रहा है कि भाईदूज के दिन लाड़ली बहनों के खातों में राशि न डाल पाने के बाद अब सरकार यह कर्ज ले रही है ताकि 1 नवंबर को होने वाले स्थापना दिवस, लाड़ली बहना योजना और अन्य सरकारी परियोजनाओं के भुगतान समय पर किए जा सकें।

सरकार आज दो हिस्सों में यह कर्ज लेगी —

  • पहला कर्ज ₹2700 करोड़ का, जो 21 साल की अवधि के लिए होगा।
  • दूसरा कर्ज ₹2500 करोड़ का, जिसकी अवधि 22 साल तय की गई है।

इन दोनों को मिलाकर यह चालू वित्त वर्ष के 20वें और 21वें कर्ज के रूप में दर्ज होगा। इसके बाद प्रदेश सरकार का कुल कर्ज ₹42,600 करोड़ तक पहुंच जाएगा।

कर्ज की मंजूरी और उद्देश्य

राज्य सरकार ने बताया कि केंद्र सरकार ने आरबीआई के माध्यम से इस कर्ज को मंजूरी दी है। यह राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर ऑन प्रोडक्टिव स्कीम्स के तहत ली जा रही है, जिसमें सिंचाई परियोजनाएं, ऊर्जा और सामुदायिक विकास योजनाएं शामिल हैं।

हाल के महीनों में लिए गए कर्ज

मोहन सरकार लगातार कर्ज लेती आ रही है।

  • 1 अक्टूबर को दशहरा से पहले ₹3000 करोड़ का कर्ज लिया गया था।
  • 23 सितंबर को ₹1500-₹1500 करोड़ के दो कर्ज लिए गए।
  • 9 सितंबर को तीन कर्ज (₹1500, ₹1500 और ₹1000 करोड़) लिए गए।
  • 26 अगस्त को ₹2500 और ₹2300 करोड़ के कर्ज लिए गए।
  • 5 अगस्त को तीन कर्ज (₹1600, ₹1400 और ₹1000 करोड़) लिए गए।
  • 30 जुलाई को ₹4300 करोड़ के दो कर्ज लिए गए।
  • 8 जुलाई को ₹2500 और ₹2300 करोड़ के कर्ज, जबकि 4 जून को ₹2000 और ₹2500 करोड़ के कर्ज लिए गए थे।
  • 7 मई को चालू वित्त वर्ष के पहले दो कर्ज, प्रत्येक ₹2500 करोड़ के लिए उठाए गए थे।

अब तक का कुल कर्ज 4.64 लाख करोड़

इन सभी कर्जों को मिलाकर मध्य प्रदेश सरकार पर कुल बकाया कर्ज ₹4,64,340 करोड़ तक पहुंच गया है।

लोन की सीमा के भीतर है उधारी

वित्त विभाग के मुताबिक, राज्य की उधारी लोन लिमिट के भीतर है।

  • वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार ₹12,487.78 करोड़ के राजस्व सरप्लस में थी।
  • सरकार की आमदनी ₹2,34,026 करोड़, जबकि खर्च ₹2,21,538 करोड़ रहा।
  • चालू वित्त वर्ष 2024-25 में संशोधित अनुमान के अनुसार, आमदनी ₹2,62,009 करोड़ और खर्च ₹2,60,983 करोड़ है।

सरकार का दावा है कि वित्तीय स्थिति नियंत्रण में है और जो भी कर्ज लिया जा रहा है, वह राजस्व अधिशेष और विकास योजनाओं के अंतर्गत ही है।


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