हरदा: एकलव्य स्कूल के 300 छात्र दीवार फांदकर हाईवे पर निकले, कलेक्टर सड़क पर बैठे; मेंढक वाला पानी और खराब खाने ने खोला मोर्चा

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हरदा (मध्य प्रदेश) | शनिवार तड़के हरदा जिले का रहटगांव क्षेत्र एक बड़े विद्रोह का गवाह बना। एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल के करीब 300 छात्र-छात्राएं अव्यवस्थाओं के खिलाफ सड़क पर उतर आए। छात्रों का गुस्सा इतना था कि उन्होंने हॉस्टल की दीवार फांदी और कलेक्टर से मिलने के लिए 8 किलोमीटर पैदल ही नेशनल हाईवे पर चल दिए।

हंगामा: शिक्षकों को कमरों में किया बंद

नाराज छात्रों ने स्कूल से भागने से पहले एक सोची-समझी रणनीति अपनाई। उन्होंने स्कूल स्टाफ और शिक्षकों के घरों को बाहर से कुंडी लगाकर बंद कर दिया, ताकि उन्हें रोका न जा सके। छात्र ‘प्राचार्य सोनिया आनंद हाय-हाय’ के नारे लगाते हुए सोडलपुर की ओर बढ़ रहे थे।

विधायक का खुलासा: टंकी में मिला मेंढक और गंदगी

घटना की सूचना मिलते ही विधायक अभिजीत शाह हॉस्टल पहुंचे और वहां के हालात देखकर दंग रह गए:

  • पानी की टंकी: पीने के पानी की टंकी के अंदर पेड़ की जड़ें और मेंढक तैरते मिले।
  • भोजन: किचन में रखी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई।
  • गंभीर आरोप: छात्रों ने बताया कि शिकायत करने पर प्राचार्य उन्हें यह कहकर अपमानित करती हैं कि— “आदिवासी क्या जानें काजू-बादाम का स्वाद।”

कलेक्टर ने सड़क पर बैठकर सुनी ‘मन की बात’

नेशनल हाईवे पर सोडलपुर के पास कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने छात्रों को रोका। सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर खुद सड़क पर ही छात्रों के बीच बैठ गए और करीब डेढ़ घंटे तक उनकी समस्याएं सुनीं।

प्रशासन के बड़े फैसले:

  1. पालक समिति: अब हर हफ्ते माता-पिता का एक समूह भोजन की गुणवत्ता और स्टॉक की जांच करेगा।
  2. संपर्क समिति: छात्रों के लिए एक डायरेक्ट हेल्पलाइन बनाई जाएगी जिससे वे सीधे कलेक्टर से बात कर सकेंगे।
  3. जांच का आश्वासन: प्राचार्य के व्यवहार और वित्तीय अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

छात्रों की मुख्य मांगें

  • प्राचार्य का इस्तीफा: छात्र प्राचार्य सोनिया आनंद को तुरंत हटाने की लिखित मांग पर अड़े रहे।
  • सुरक्षा और सम्मान: छात्रों ने मांग की कि उन्हें शिकायत करने पर स्कूल से निकालने की धमकी देना बंद किया जाए।
  • साफ पानी और खाना: मेनू के अनुसार पौष्टिक भोजन और शुद्ध पेयजल की गारंटी दी जाए।

कलेक्टर का बयान: “बच्चों का आक्रोश जायज है। भोजन की गुणवत्ता और प्राचार्य के व्यवहार को लेकर कई गंभीर मुद्दे सामने आए हैं। फिलहाल बच्चों को समझाकर वापस भेज दिया गया है, जांच के बाद कड़ी कार्रवाई होगी।”

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