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नई दिल्ली/इंदौर: युद्ध की विभीषिका और आसमान में मंडराते खतरों के बीच जब अपने देश की मिट्टी की पुकार सुनाई दी, तो इंदौर की जांबाज बेटी प्रियल ने अदम्य साहस का परिचय दिया। ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण युद्ध संकट के कारण दुबई में फंसे 149 भारतीयों के लिए प्रियल किसी फरिश्ते से कम साबित नहीं हुईं।
🛡️ एयर इंडिया की विशेष उड़ान और प्रियल का साहस
दुबई एयरपोर्ट पर उड़ानें बंद होने के कारण सैकड़ों भारतीय वहां फंसे हुए थे। जैसे ही मंगलवार को उड़ानों का संचालन शुरू हुआ, एयर इंडिया ने अपनी विशेष उड़ान AI916D को जिम्मेदारी सौंपी। इस विमान की सह-कप्तान (Co-Captain) के रूप में इंदौर की प्रियल ने कमान संभाली।
- कुल यात्री: 149 भारतीय
- क्रू मेंबर्स: 8 सदस्य
- रूट: दुबई से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली
🇮🇳 वतन वापसी पर छलके खुशी के आंसू
युद्ध के साये में पिछले कई दिनों से फंसे यात्री जब प्रियल की सुरक्षित लैंडिंग के बाद दिल्ली पहुंचे, तो माहौल भावुक हो गया।
- भव्य स्वागत: इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर यात्रियों के परिजनों ने प्रियल और पूरे क्रू का फूल-मालाओं से स्वागत किया।
- राहत की सांस: दो घंटे के इस जोखिम भरे सफर के बाद यात्रियों ने अपनी मातृभूमि पर कदम रखते ही ईश्वर और जांबाज पायलट टीम का शुक्रिया अदा किया।
- पहला आगमन: मौजूदा युद्ध संकट के बीच यह किसी भी भारतीय विमानन कंपनी का पहला सफल अंतरराष्ट्रीय आगमन था।
✨ इंदौर का नाम किया रोशन
प्रियल की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे इंदौर और मध्यप्रदेश का मान बढ़ाया है। जब दुबई से उड़ानें पूरी तरह ठप थीं, तब देश सेवा का यह महत्वपूर्ण मौका प्रियल को मिला और उन्होंने इसे बखूबी अंजाम दिया।
“दुबई एयरपोर्ट से उड़ानें फिर से शुरू होते ही हमारी प्राथमिकता अपने नागरिकों को सुरक्षित घर पहुँचाना था। प्रियल का यह जज्बा महिला सशक्तिकरण और देश सेवा की एक नई मिसाल है।”
📈 आगे की योजना
प्रशासन और एयर इंडिया के अनुसार, अब दुबई से अन्य उड़ानें भी सुचारू रूप से संचालित होंगी। दिल्ली के साथ-साथ मुंबई के लिए भी भारतीयों को लाने का सिलसिला शुरू हो गया है। इंदौर के भी कुछ यात्री सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंच चुके हैं।




