Drnewsindia / दिनांक: 4 जनवरी, 2026
- स्कूलों का समय बदला: भोपाल में कड़ाके की ठंड के कारण नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के स्कूल अब सुबह 9:30 बजे के बाद ही खुलेंगे। यह आदेश सरकारी और प्राइवेट सभी स्कूलों पर लागू है।
- यातायात प्रभावित: घने कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली मालवा, सचखंड और शताब्दी जैसी प्रमुख ट्रेनें देरी से चल रही हैं। कई शहरों में विजिबिलिटी 30 से 50 मीटर तक ही रह गई है।
तापमान का हाल (प्रमुख शहर)
नौगांव में तापमान में अचानक 8.3 डिग्री की गिरावट आई, जिससे यह प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बन गया।
| शहर | न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस) |
| नौगांव | 2.5° |
| राजगढ़ | 5.0° |
| ग्वालियर | 6.4° |
| पचमढ़ी | 6.4° |
| भोपाल | 10.8° |
| इंदौर | 11.8° |
ठंड बढ़ने का वैज्ञानिक कारण
इस साल ठंड के रिकॉर्ड टूटने के पीछे दो प्रमुख कारण हैं:
- पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी से आने वाली ठंडी हवाएं।
- जेट स्ट्रीम (Jet Stream): यह जमीन से लगभग 12.6 किमी की ऊंचाई पर चलने वाली अत्यंत तेज हवा है। वर्तमान में इसकी रफ्तार 278-285 kmph तक पहुंच गई है, जो सर्दी के असर को दोगुना कर देती है।
जिलों की स्थिति (ताजा अपडेट)
- रतलाम और धार: खेतों में फसलों पर ओस की बूंदें जम गई हैं, जिससे पाला पड़ने जैसी स्थिति बन रही है।
- मुरैना और राजगढ़: विजिबिलिटी 30-50 मीटर तक गिरने से हाईवे पर वाहन हेडलाइट जलाकर रेंगते हुए चल रहे हैं।
- रायसेन: लगातार दूसरे दिन ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) घोषित रहा।
- खंडवा: न्यूनतम तापमान 6 डिग्री तक लुढ़क गया है।
जनवरी का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी में शीतलहर (Cold Wave) का दौर जारी रहेगा। महीने के दूसरे सप्ताह से ठंड और अधिक उग्र हो सकती है। 5 और 6 जनवरी को ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग के जिलों में घना कोहरा रहने का अनुमान है।




