Drnewsindia/भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित परिवारों के हित में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि परियोजना के कारण विस्थापित हुए 25,600 से अधिक परिवारों को आवंटित रिहायशी प्लॉट की रजिस्ट्री अब पूरी तरह निशुल्क की जाएगी। इस फैसले से राज्य सरकार पर करीब ₹600 करोड़ से अधिक का वित्तीय भार आएगा।
सरकार के मुताबिक, गुजरात में नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध से मध्य प्रदेश के कई जिलों में बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ था। इन प्रभावित परिवारों को अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन और धार जिलों में पुनर्वास के तहत रिहायशी प्लॉट आवंटित किए गए थे। अब इन प्लॉटों की रजिस्ट्री फीस राज्य सरकार खुद वहन करेगी, जिससे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
कैबिनेट के फैसले में कहा गया है कि इस कदम से विस्थापित परिवारों को कानूनी स्वामित्व मिलेगा और वर्षों से लंबित पुनर्वास प्रक्रिया को गति मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह निर्णय सामाजिक न्याय और पुनर्वास नीति की दिशा में एक बड़ा कदम है।
दो सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी
इसके अलावा राज्य कैबिनेट ने मैहर और कटनी जिलों की दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी है। इन परियोजनाओं पर कुल ₹620.65 करोड़ की लागत आएगी। पहली परियोजना बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई योजना से जुड़ी है, जिससे क्षेत्र के किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से जहां विस्थापित परिवारों को राहत मिलेगी, वहीं सिंचाई परियोजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।




