3 दिन और 9 सेंटर्स: क्यों कैंसिल हुआ SSC-CGL एग्जाम?

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स्टूडेंट्स बोले- कभी सेंटर बदल रहे, कभी सर्वर डाउन; SSC बोला- सुधार करेंगे

SSC (Staff Selection Commission) की CGL परीक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 12 सितंबर से शुरू हुए इस एग्जाम को लेकर पहले ही दिन से तकनीकी गड़बड़ियां सामने आने लगीं। केवल 3 दिन में दिल्ली, गुरुग्राम, जम्मू, झारखंड, मुंबई समेत 9 एग्जाम सेंटर्स पर पेपर कैंसिल करना पड़ा।

स्टूडेंट्स का आरोप: मेहनत और पैसा बर्बाद

दिल्ली में रहने वाली सिमरन ने कहा-
“कभी पेपर लीक हो जाता है, कभी सिस्टम खराब हो जाता है, कभी सर्वर डाउन। इतने बड़े एग्जाम में ये सब ठीक है क्या? हमारा समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।”

गुरुग्राम में सीतामढ़ी (बिहार) के प्रभात कुमार को भी यही परेशानी झेलनी पड़ी। वे सेंटर पहुंचे तो गेट ही बंद मिला। उन्होंने कहा-
“एक एग्जाम के लिए महीनों मेंटल प्रिपरेशन करनी पड़ती है। जब सर्वर डाउन या सेंटर कैंसिल हो जाए तो सब बेकार हो जाता है। अब हमें नहीं पता कि आगे कब और कहां एग्जाम होगा।”

गुरुग्राम से कानपुर तक अफरातफरी

  • गुरुग्राम: पहली ही शिफ्ट में सर्वर डाउन, हंगामे के बाद एग्जाम कैंसिल।
  • दिल्ली: कई छात्रों को रात 11 बजे एडमिट कार्ड मिला।
  • कानपुर: RCRD कन्या महाविद्यालय में 25 छात्रों को बाहर कर दिया गया, नोटिस तक नहीं दिया गया।
    फतेहपुर के शशांक पटेल ने कहा-
    “अगर सीट ही नहीं थी तो एडमिट कार्ड क्यों जारी किया गया? हमें घंटों बाहर बैठाकर बाद में कहा गया कि एग्जाम रीशेड्यूल होगा।”

SSC चेयरपर्सन का बयान

SSC प्रमुख एस. गोपाल कृष्णन ने स्वीकारा कि कुछ सेंटर्स पर तकनीकी गड़बड़ी और मिसमैनेजमेंट हुआ। उन्होंने कहा-
“ऐसे सेंटर्स बंद किए जाएंगे और छात्रों को उसी शहर के दूसरे सेंटर पर शिफ्ट किया जाएगा। अगले 10 दिन में परीक्षा करवाई जाएगी। अगर भविष्य में भी गड़बड़ी हुई तो एजेंसी पर कानूनी कार्रवाई होगी।”

सवालों के घेरे में एजेंसी एडुक्विटी

SSC परीक्षाएं पहले TCS करवाता था, लेकिन नए टेंडर में एडुक्विटी को चुना गया। जुलाई में सिलेक्शन पोस्ट फेज-13 एग्जाम के दौरान भी इसी तरह की दिक्कतें आई थीं।

  • तकनीकी मामले में TCS बेहतर था, लेकिन बोली ज्यादा (₹311/कैंडिडेट) थी।
  • एडुक्विटी ने सबसे कम बोली (₹171/कैंडिडेट) लगाई और 273 करोड़ में ठेका मिला।
  • SSC ने QCBS (क्वालिटी और कॉस्ट बेस्ड सिलेक्शन) फॉर्मूले से एजेंसी चुनी।

नतीजा: छात्रों में गुस्सा और सिस्टम पर सवाल

हर बार नई गड़बड़ियों के कारण छात्र परेशान हैं। सर्वर डाउन, सेंटर बदलाव, लेट एडमिट कार्ड और परीक्षा कैंसिल होने जैसी घटनाओं ने लाखों कैंडिडेट्स की मेहनत और करियर दांव पर लगा दिया है।

अब छात्रों की नजर इस बात पर है कि SSC वाकई सुधार करेगा या यह समस्या आगे भी बनी रहेगी।


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