फसल बीमा में कंपनियों और सरकार की मिलीभगत से किसानों की लूट : प्रहलाद दास बैरागी

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राजगढ़।भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति और अखिल भारतीय किसान सभा ने मंगलवार को राजगढ़ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसानों ने फसल बीमा योजना में हो रहे भ्रष्टाचार और कंपनियों की मनमानी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रहलाद दास बैरागी और प्रदेश अध्यक्ष राम जगदीश दांगी रहे।

श्री बैरागी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बीमा कंपनियों से सांठगांठ कर किसानों की लूट कर रही हैं। पी. साईनाथ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन में किसानों से महज 2% प्रीमियम वसूला जाता है, जबकि कुल बीमा राशि का 98% हिस्सा राज्य और केंद्र सरकार बराबर अंशदान से कंपनियों को देती हैं। औसतन एक जिले से 70–75 करोड़ रुपए कंपनियों के पास जमा होते हैं, लेकिन किसानों को इसका पूरा लाभ नहीं मिलता।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के हित में नहीं, बल्कि पूंजीपतियों की कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए चलाई जा रही है। सरकार चाहती तो देश की चार राष्ट्रीय कंपनियों से बीमा कराया जा सकता था, लेकिन प्राइवेट कंपनियों जैसे रिलायंस और टोकियो को ठेका देकर भ्रष्टाचार बढ़ाया गया।

श्री बैरागी ने बताया कि 2020 खरीफ बीमा में 710 करोड़ का दावा हुआ था। उस समय शिवराज सिंह चौहान कृषि मंत्री थे और किसानों को मिली राशि की तुलना में कंपनियों ने कई गुना लाभ कमाया।
वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रबी 2023–24 के लिए किसानों को 190 करोड़ रुपए का क्लेम मिलेगा, जबकि प्रदेश के 20 लाख 27 हजार किसानों ने 258.57 करोड़ रुपए प्रीमियम के रूप में जमा किए। राज्य और केंद्र सरकार की हिस्सेदारी मिलाकर कुल 947.79 करोड़ रुपए कंपनियों के पास जमा हुआ। यह साफ दर्शाता है कि योजना का फायदा किसानों को नहीं, बल्कि कंपनियों को पहुंच रहा है।

  • फसल बीमा में किसान के खेत को इकाई माना जाए।
  • फसल को क्षति होने पर 45 दिनों के भीतर बीमा राशि का भुगतान हो।
  • बीमा कंपनियां देरी करें तो किसानों को दोगुना मुआवजा मिले।
  • अतिवृष्टि और पीलापन रोग से नष्ट फसल का सर्वे कर तत्काल मुआवजा दिया जाए।
  • किसानों का कर्ज पूरी तरह माफ किया जाए।
  • गोपालक किसानों को प्रति गाय 1500 रुपए सहायता दी जाए।
  • औद्योगिक क्षेत्र पिलूखेड़ में स्थित जैलेटिन और सोम-विंध्याचल फैक्ट्री का दूषित पानी परबती नदी में छोड़ा जा रहा है, जिस पर तुरंत रोक लगाई जाए।

श्री बैरागी ने कहा कि प्रदेश में खाद की किल्लत से हाहाकार मचा है। किसानों पर पुलिस की लाठियां बरसाई जा रही हैं, जो मंदसौर गोलीकांड की याद ताजा करती हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया तो अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति और संयुक्त किसान मोर्चा मिलकर प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


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