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रीवा (गुढ़), दिनांक 20-09-2025 — भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (AIPC) द्वारा गुढ़ तहसील कार्यालय के सामने 19 सितंबर को सुबह 11 बजे से विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। धरना कार्यक्रम शाम 5 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से चला। वार्ड क्रमांक 15 के जिला पंचायत सदस्य कामरेड लालमणि त्रिपाठी के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में किसानों, आदिवासी एवं ग्रामिण जनप्रतिनिधियों की भारी भागीदारी रही।

मुख्य बातें — क्या था मुद्दा
धरना प्रमुख रूप से गुढ़ विधानसभा के कई गांवों में बिजली, पानी, सड़क, ट्रांसफार्मर तथा किसानों से जुड़ी समस्याओं को लेकर किया गया। धरना स्थल पर उपस्थित प्रदर्शनकारियों ने इन समस्याओं का समाधान शीघ्र कराने के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
मौके पर पहुंचे अधिकारी—आश्वासन दिया गया
धरना स्थल पर पहुँचकर गुढ़ नायब तहसीलदार महिमा पाठक और रायपुर जनपद के सीईओ संजय सिंह ने प्रदर्शनकारियों की माँगें सुनीं। अधिकारियों ने कहा कि वे सभी बिंदुओं का संज्ञान लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर मांगों का निपटारा जल्द ही कराने का आश्वासन दिया गया।
सभा का मूल वक्तव्य — लालमणि त्रिपाठी
धरना के मुख्य संयोजक एवं वार्ड-15 के जिला पंचायत सदस्य कामरेड लालमणि त्रिपाठी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वे खुद गरीब किसान परिवार से आते हैं और ग्रामीणों की समस्याओं को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों, गरीबों और मजदूरों के हितों के लिए वे लगातार संघर्ष जारी रखेंगे।
अन्य वक्ताओं के विचार
- कामरेड संजय नामदेव (सिंगरौली) ने केंद्र व राज्य सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि घोषणाएँ खूब होती हैं, पर जमीन पर किसानों के लिए खाद, चारा और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा रही। कई जगहों पर किसानों पर लाठीचार्ज तक की घटनाएँ हुई हैं।
- कामरेड प्रहलाद दास बैरागी (अखिल भारतीय किसान सभा राज्य महासचिव) ने कहा कि हरिजन-आदिवासी बस्तियों को पट्टा नहीं मिला है और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं का अभाव गंभीर है। अनेक गांवों में आवागमन सुविधाओं का अभाव ऐसा है कि रात में एंबुलेंस भी नहीं पहुँच पाती—ऐसे गांव चिन्हित कर आवागमन की व्यवस्था दुरुस्त की जानी चाहिए।
सभा संचालन व अन्य गणमान्य उपस्थितियाँ
धरना कार्यक्रम का संचालन कामरेड हरिश्चंद्र पांडेय (पूर्व सरपंच, दुआरी) ने किया। कार्यक्रम में अनेक नेतृत्व और क्षेत्रीय गणमान्य उपस्थित रहे — जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
कामरेड अशोक पटीदार (भोपाल), कामरेड रामानुज तिवारी, सह जिला सचिव कामरेड कुंदेश्वर द्विवेदी, पूर्व सरपंच कामरेड सत्यनारायण शुक्ला, बाबूलाल शुक्ला, अरुण कुमार, एडवोकेट बृजेश प्यासी, बैजनाथ प्रसाद मिश्रा, अरुण पाण्डेय (एडवोकेट), उपेन्द्र पटेल, लोकनाथ पटेल, प्रेमलाल नामदेव, महेंद्र दुबे, अर्जुन पटेल, मनमोहन लाल नामदेव, शिव शंकर नामदेव, श्रीमती मुन्नी कोल (सरपंच ग्राम पंचायत बदवार), सरकार अली खान, अखिलेश साकेत, सुरेंद्र द्विवेदी, शिवदाश कोरी, भैया लाल पटेल, अजीत साकेत, आदि।
इसी तरह अनेक स्थानीय और सामाजिक प्रतिनिधि—पत्रकार तथा सैकड़ों ग्रामीणजन भारी संख्या में उपस्थित रहे। (प्रस्तुत सूची में क्षेत्र के कई आदिवासी, दलित व पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत सदस्य तथा पत्रकार शामिल थे।)
ज्ञापन में मांगे और आगे की रणनीति
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से जिन मुद्दों पर सरकार से ठोस कार्रवाई मांगी है — वे निम्नलिखित हैं:
- ग्रामीण बिजली आपूर्ति व ट्रांसफार्मर की मरम्मत और नए ट्रांसफार्मर की व्यवस्था।
- पीने के पानी व सिंचाई के लिए उचित पाइपलाइन व नलकूप बंदोबस्त।
- सड़कों की मरम्मत व आवागमन सुगम करने हेतु रूट सुधार।
- किसानों के लिए खाद, बीज और चारे का त्वरित प्रसार तथा पशु-रक्षण के प्रभावी इंतज़ाम।
- आदिवासी व हरिजन बस्तियों को पट्टा और बुनियादी सेवाओं का दीर्घकालिक समाधान।
अधिकारियों द्वारा आश्वासन मिलने के बाद उपस्थितों ने शांति से धरना समाप्त किया, परन्तु कहा गया कि यदि चिन्हित समयावधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किए जाएंगे।
उपस्थित जनप्रतिनिधियों व शामिल लोगों की विस्तृत सूची (सारांश)
प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल रहे — जिनमें ग्रामवासी, किसान, महिला मंडल, ब्लॉक व जिला स्तर के पार्टी नेता तथा कई सामाजिक कार्यकर्ता प्रमुख थे। (कार्यक्रम में उपस्थित अधिकांश नाम उपर्युक्त अनुभाग में दिए गए हैं और स्थानीय स्तर पर और भी कई गणमान्य व्यक्ति तथा कार्यकर्ता सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।)
भवदीय,
कामरेड हरिश्चंद्र पांडेय
(पूर्व सरपंच, दुआरी) — आयोजन समन्वयकर्ता, जिला रीवा




