पांच घंटे चली जटिल सर्जरी, डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी; अब पहले की तरह जी सकेगा
DR News इंदौर।फीनिक्स मॉल के पास पेंटिंग का काम कर रहे उत्तरप्रदेश के देवरिया निवासी नीतेश जायसवाल (25) की जिंदगी 25 फीट ऊंचाई से गिरने के बाद दांव पर लग गई थी। निर्माणाधीन टैंक के कॉलम में खुले खड़े लोहे के सरियों में उसका शरीर आर-पार हो गया। गनीमत रही कि समय पर अस्पताल पहुंचाया गया और पांच घंटे की जटिल सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने उसे नई जिंदगी दे दी।
हादसा और बचाव
20 सितंबर को काम के दौरान नीतेश असंतुलित होकर नीचे गिरा। तीन मोटे सरिये उसके शरीर में धंस गए—दो पेट से और एक जांघ से आर-पार निकल गए। मौके पर मौजूद बहनोई और साथी मजदूरों ने हिम्मत दिखाई, रस्सियों से बांधकर सरियों को काटा और 108 एम्बुलेंस से उसे एमवाय अस्पताल पहुंचाया।
ICU में 24 घंटे निगरानी
नीतेश को तुरंत ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया। पांच घंटे चली सर्जरी के बाद सरियों को बाहर निकाला गया। वह एक हफ्ते तक ICU में रहा, जहां 24 घंटे उसकी मॉनिटरिंग की गई। उसे ब्लड चढ़ाया गया और शुरुआत में केवल लिक्विड डाइट दी गई। अब वह सेमी सॉलिड डाइट (दलिया, खिचड़ी आदि) लेने लगा है। शनिवार को उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। दो-तीन दिन में उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
फ्री में हुआ इलाज, प्राइवेट में 5 लाख का खर्च
सर्जन डॉ. संजय महाजन ने बताया कि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बची। एमवाय अस्पताल में उसका पूरा इलाज मुफ्त हुआ है। यदि यही इलाज किसी प्राइवेट अस्पताल में होता तो 4 से 5 लाख रुपये तक का खर्च आता।

जिंदगी बचाने वाली डॉक्टरों की टीम
इस जटिल सर्जरी में सर्जन डॉ. सुदर्शन ओरिया, डॉ. संजय महाजन, डॉ. सतीश वर्मा, डॉ. यश अग्रवाल, डॉ. अभिनव सोनी, डॉ. अर्पित तिवारी और डॉ. ध्रुवसिंह गोहिल शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में प्रो. डॉ. रश्मि पाल और डॉ. रवि बार्डे थे। वहीं, आर्थोपेडिक्स विभाग से प्रो. डॉ. आनंद अजेहरा और डॉ. अभिषेक पाल भी जुड़े।




