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सीहोर / जिले में गुरुवार को कलेक्टर बालागुरू के. ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व, कृषि और संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने फसल क्षति पर राहत राशि के त्वरित वितरण, उर्वरक की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई और कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि प्रभावित किसानों को शासन की मंशा के अनुरूप शीघ्र राहत राशि मिलनी चाहिए। इसके लिए सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सतत निगरानी रखें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें।
उन्होंने बताया कि फसल कटाई प्रयोगों और सोयाबीन फसल उत्पादन पर निरंतर निगरानी रखी जाए। साथ ही भावांतर भुगतान योजना के तहत सोयाबीन की ‘स्मार्ट सत्यापन प्रक्रिया’ को भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ सटीक रूप से पहुँच सके।
कलेक्टर ने राजस्व और कृषि विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन किसानों को फसल क्षति का लाभ मिल चुका है, उनकी जानकारी को भावांतर योजना से जोड़ा जाए, ताकि किसी पात्र किसान को लाभ से वंचित न रहना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि कोई भी निजी लाइसेंसधारी व्यापारी उर्वरक को निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर न बेचे। यदि कोई व्यापारी ऐसा करता पाया जाता है, तो कंट्रोल ऑर्डर के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि किसानों के हितों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए उर्वरकों की उपलब्धता और गुणवत्ता दोनों पर प्रशासन की सख्त निगरानी रहेगी।
कलेक्टर बालागुरू के. ने अंत में कहा कि “सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों को समय पर लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।”
बैठक में अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह, डिप्टी कलेक्टर जमील खान सहित जिले के सभी अनुभागों के राजस्व और कृषि अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।




