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बीकानेर / उरमूल डेयरी बीकानेर में सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा, जब हाई कोर्ट के फैसले के बाद नोपाराम जाखड़ ने एक बार फिर चेयरमेन पद का औपचारिक कार्यभार ग्रहण किया। उनके पुनः पदभार संभालने के साथ ही डेयरी संगठन, पशुपालकों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
बैठक में विकास की नई दिशा पर ज़ोर
कार्यभार संभालने के तुरंत बाद जाखड़ ने संचालक मंडल सदस्यों, डेयरी अधिकारियों और अन्य प्रतिनिधियों की बैठक ली।
बैठक में उन्होंने कहा कि—
- उरमूल डेयरी को विकास की नई ऊँचाइयों पर लेकर जाना उनका मुख्य लक्ष्य है
- पशुपालकों के हित सर्वोपरि रहेंगे
- डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता पर लगातार ध्यान दिया जाएगा
- डेयरी स्टाफ के लिए बेहतर कार्य वातावरण और सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा
जाखड़ ने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता ही उरमूल डेयरी की पहचान है, और इसी भरोसे को बनाए रखते हुए डेयरी व्यवसाय को और आगे बढ़ाया जाएगा।
पशुपालकों और किसानों के लिए नई योजनाओं का संकेत
जाखड़ ने कहा कि उरमूल डेयरी से जुड़े सभी पशुपालक संगठन की रीढ़ हैं।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में—
- दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने
- खरीदी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने
- पशुपालन से जुड़े प्रशिक्षण और सुविधाओं को मजबूत करने
की दिशा में विशेष योजनाओं पर काम किया जाएगा।
स्वागत में उमड़ा संगठन—फूल-मालाओं से किया सम्मान
कार्यभार ग्रहण समारोह के दौरान प्रबंधक संचालक बी.एल. बिश्नोई ने बुके भेंट कर जाखड़ का स्वागत किया। इसके बाद संचालक मंडल सदस्यों और मौजूद लोगों ने माल्यार्पण कर उन्हें शुभकामनाएँ दीं और उनके कार्यकाल को संगठन और पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कौन-कौन रहे उपस्थित?
इस अवसर पर बड़ी संख्या में पदाधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं—
राजेश गोदारा, उर्जाराम, बाबूलाल बिश्नोई, ओमप्रकाश भाम्भू, आर.एस. सेंगर, मोहनसिंह चौधरी, हरीश कुमार शर्मा, ऋषभ चौधरी, विजेंद्र सिंह, लीलाधर चौधरी, अनिल स्वामी, कार्यालय कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में पशुपालक और किसान।
संगठन में बढ़ी स्थिरता और भविष्य की उम्मीदें
हाई कोर्ट के फैसले के बाद जाखड़ का पद पर बने रहना संगठन के लिए स्थिरता लेकर आया है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि उनके नेतृत्व में उरमूल डेयरी ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं और विकास की गति आगे भी जारी रहेगी।




