⚖️ सीहोर में अत्याचार निवारण अधिनियम की समीक्षा $81$ पीड़ितों को $1.56$ करोड़ की राहत राशि

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सीहोर / अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक शुक्रवार को कलेक्टर बालागुरू के. की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में पीड़ितों को त्वरित न्याय और सहायता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

राहत राशि वितरण और त्वरित कार्रवाई के निर्देश

  • वितरित राहत राशि: बैठक में बताया गया कि अब तक $81$ प्रकरणों में $1$ करोड़ $56$ लाख रुपए की राहत राशि पीड़ितों को वितरित की जा चुकी है।
  • कलेक्टर के निर्देश: कलेक्टर बालागुरू के. ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अत्याचार पीड़ितों के मामलों में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें समय पर न्याय मिल सके।

अधिनियम का उद्देश्य और न्याय सुनिश्चित करना

कलेक्टर ने अधिनियम के मूल उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका लक्ष्य SC/ST समुदायों को भेदभाव और अत्याचारों से बचाना, उनके सम्मानपूर्वक जीने के अधिकार को सुनिश्चित करना और उनके खिलाफ होने वाले अत्याचारों को रोकना है।

उन्होंने निम्नलिखित बिन्दुओं पर विशेष जोर दिया

  • तेज विवेचना और न्यायालयीन कार्यवाही: SC/ST मामलों की विवेचना और न्यायालयीन कार्यवाही में तेजी लाई जाए, ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके।
  • जाति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता में विलंब नहीं: कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जाति प्रमाण पत्र के अभाव में भी राहत राशि जारी करने में विलंब नहीं होना चाहिए।
  • लंबित प्रकरण: लोक अभियोजन प्रभारी को न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निर्णय के संबंध में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

⚙️ बजट और सहायता में सक्रियता

कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि राहत राशि के लिए समय पर बजट की मांग भेजी जाए और उसके आवंटन में सक्रियता बरती जाए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि पीड़ितों को किसी भी प्रकार की सहायता या न्याय दिलाने में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला, अभियोजन अधिकारी, संबंधित अधिवक्ता एवं अन्य अधिकारियों ने भाग लिया और आवश्यक दिशा-निर्देशों पर चर्चा की गई।

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