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गुना / पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के विशेष “ऑपरेशन मुस्कान” अभियान (1 नवंबर से 30 नवंबर तक) के अंतर्गत, गुना पुलिस ने बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जागरूकता और नाबालिगों की खोज के मोर्चे पर सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक (SP) अंकित सोनी ने पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय, नानाखेड़ी में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
मुख्य फोकस गुड टच, बैड टच और साइबर सुरक्षा
SP अंकित सोनी, सीएसपी प्रियंका मिश्रा और थाना प्रभारी कैंट TI अनूप भार्गव के साथ, छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं को बाल सुरक्षा के उपायों और सतर्कता संबंधी विस्तृत जानकारी दी।
- उद्देश्य: नाबालिग छात्र-छात्राओं को संभावित जोखिमों के प्रति जागरूक करना और किसी भी विपरीत परिस्थिति में तुरंत पुलिस की सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करना।
- प्रसारण: जागरूकता बढ़ाने के लिए लघु फिल्म ‘कोमल’ का प्रोजेक्टर पर प्रसारण भी किया गया।
साइबर सुरक्षा के लिए SP के महत्वपूर्ण निर्देश
SP अंकित सोनी ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन सुरक्षा के संबंध में निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारी दी:
- अनावश्यक बातचीत: किसी भी अनजान व्यक्ति से अनावश्यक बातचीत या नजदीकी न बढ़ाएँ।
- सोशल मीडिया: सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और न ही स्वयं अजनबी लोगों को रिक्वेस्ट भेजें।
- निजी जानकारी: सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें।
- संदिग्ध गतिविधि: किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों एवं पुलिस को दें।
गुड टच, बैड टच पर सीधा संवाद
SP ने गुड टच और बैड टच को आसान भाषा में समझाते हुए कहा कि यदि कोई शिक्षक, रिश्तेदार, परिचित या कोई भी व्यक्ति उनके साथ अनुचित स्पर्श करता है या असहजता पैदा करता है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसी स्थिति में तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को जानकारी दें। उन्होंने जोर देकर कहा, “बाल सुरक्षा में सतर्कता ही सबसे बड़ा संरक्षण है।”
कार्यक्रम के दौरान नाबालिगों पर होने वाले अपराधों के प्रकार, उनसे बचाव के उपाय तथा साइबर अपराधों की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया। कार्यक्रम को सीएसपी प्रियंका मिश्रा ने भी संबोधित किया।




