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सीहोर / जिले में पुलिस कर्मचारियों के लिए साइबर अपराधों से निपटने और संबंधित सरकारी पोर्टलों के उपयोग पर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के निर्देश पर हुआ।
प्रशिक्षण की मुख्य बातें
- आयोजन: शनिवार को हुआ।
- भाग लेने वाले: जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ 50 पुलिस कर्मचारी।
- उद्देश्य: पुलिस कर्मचारियों को साइबर फ्रॉड से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं और पोर्टलों का उपयोग सिखाना।
इन पोर्टलों पर दिया गया मार्गदर्शन
प्रशिक्षण सेमिनार में पुलिस कर्मचारियों को निम्नलिखित पोर्टलों और हेल्पलाइन पर विस्तृत जानकारी दी गई
- साइबर पुलिस पोर्टल
- सीईआईआर पोर्टल
- समन्वय पोर्टल
- ऑनलाइन 1930 हेल्पलाइन (होल्ड राशि वापस कराने की प्रक्रिया)
पुलिस अधीक्षक के निर्देश
पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने उपस्थित सभी कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे इन पोर्टलों पर प्रतिदिन लॉगिन करें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
कानूनी प्रक्रिया पर मार्गदर्शन
जिला साइबर टीम ने साइबर अपराधियों द्वारा किए जाने वाले विभिन्न फ्रॉड और उनसे निपटने की कानूनी प्रक्रिया पर मार्गदर्शन दिया
- बैंक खातों से धन ट्रांसफर: आमजन को झांसे में लेकर किए गए फ्रॉड।
- फर्जी ऑनलाइन शिकायतें: इन्हें दर्ज कराने की प्रक्रिया।
- होल्ड मनी फ्रॉड: इस तरह की धनराशि को फ्रीज करवाने की कानूनी प्रक्रिया।
होल्ड राशि वापस कराने की मानक प्रक्रिया
कर्मचारियों को यह भी बताया गया कि होल्ड मनी (फ्रीज की गई राशि) वापस करने की मानक प्रक्रिया क्या है:
- जिस बैंक खाते या वॉलेट में होल्ड मनी का लेनदेन हुआ है, उसकी सूचना न्यायालय में प्रस्तुत की जाए।
- पीड़ित से धन वापसी के लिए आवेदन पत्र प्राप्त किया जाए।
- न्यायालय के आदेशानुसार खातों से होल्ड राशि वापस करने की प्रक्रिया अपनाई जाए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रधान आरक्षक सुशील साल्वे और साइबर टीम के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।




