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इंदौर / पुलिस ने स्टूडेंट्स हॉस्टलों से लगातार मोबाइल और लैपटॉप चोरी की बढ़ती शिकायतों के बाद एक बड़े चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के तीन आरोपी चोरी के लिए गूगल मैप से रेकी करते थे और गूगल जेमिनी का उपयोग स्थानीय भाषा समझने के लिए करते थे।

घटनाक्रम और गिरफ्तारी
- शिकायत क्षेत्र भंवरकुआं क्षेत्र के हॉस्टलों से लगातार चोरी की शिकायतें।
- पहचान डीसीपी आनंद कलादगी के निर्देश पर पुलिस टीम सक्रिय थी।
- गिरफ्तारी: शुक्रवार रात चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध पकड़ा गया, जिसकी निशानदेही पर उसके दो साथियों को महू के अंबेडकर नगर से गिरफ्तार किया गया।
- आरोपियों की पहचान तीनों आरोपी तमिलनाडु के वेलूर जिले के रहने वाले हैं और एक सप्ताह से किराए के मकान में छिपे थे:
- मुथीयानथन पिता गोपाल (निवासी नरियामपट्टू)
- मगेन्द्र पिता वेंकटरमन (निवासी पेरियापल्लम)
- दीपक पिता बिसकर्मा (निवासी पेरियापल्लम)

चोरी के लिए टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग
जांच में सामने आया कि गिरोह चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए आधुनिक तकनीक का गलत इस्तेमाल कर रहा था
- गूगल मैप का उपयोग: आरोपी गूगल मैप की मदद से शहर के हॉस्टलों की लोकेशन, आस-पास के ले-आउट और एंट्री-एग्जिट पॉइंट की जानकारी जुटाते थे।
- गूगल जेमिनी का उपयोग: तमिल भाषा में निर्देश और स्थानीय जानकारी को समझने के लिए वे गूगल जेमिनी का इस्तेमाल करते थे।
- कार्यशैली: वे हर रोज सुबह महू से ट्रेन पकड़कर इंदौर आते, दिन में हॉस्टलों को टारगेट करते और शाम होते ही वापस महू लौट जाते थे, जिससे उन पर किसी को संदेह नहीं होता था।
बरामदगी और आगे की योजना
- बरामद माल: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब ₹25 लाख मूल्य का सामान बरामद किया है।
- 18 मोबाइल फोन
- 10 लैपटॉप
- 1 टैबलेट
- चोरी का इरादा: आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे इंदौर में चोरी का माल इकट्ठा कर उसे तमिलनाडु ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे।
⚖️ दर्ज एफआईआर
आरोपियों पर अब तक इंदौर के विभिन्न थानों में कुल 4 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं
- भंवरकुआं थाना: 2 एफआईआर
- विजय नगर थाना: 1 एफआईआर
- बाणगंगा थाना: 1 एफआईआर
पुलिस इस गिरोह के नेटवर्क, पुराने मामलों और तमिलनाडु में उनके सहयोगियों के बारे में अधिक जानकारी जुटा रही है।




