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सीहोर / कलेक्टर बालागुरू के. की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित टीएल (टाइम लिमिट) बैठक में रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। विकास कार्यों में हो रहे विलंब को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट चेतावनी दी कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
⚠️ विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं: कलेक्टर
कलेक्टर ने सीधे तौर पर उन सभी प्रशासनिक बाधाओं पर असंतोष व्यक्त किया जो इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को रोक रही हैं।
- विलंब के मुद्दे: भूमि आवंटन, मुआवजा वितरण, और विभाग को कब्जा उपलब्ध कराने जैसे मूलभूत कार्यों में हो रही अनावश्यक देरी पर कलेक्टर ने अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
- सख्त निर्देश: कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग जैसी परियोजनाएं राज्य के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने सभी विभागों को कार्य में तत्काल तेज़ी लाने और सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
- चेतावनी: उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि आगे भी परियोजनाओं में देरी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन और समय-सीमा वाले प्रकरणों की समीक्षा
कलेक्टर बालागुरू के. ने प्रशासनिक दक्षता बनाए रखने के लिए अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की भी समीक्षा की
- सीएम हेल्पलाइन: उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर संतुष्टिपूर्ण निराकरण किया जाए, ताकि शिकायतें समय पर बंद हो सकें।
- टीएल प्रकरण: सभी विभागों के समय-सीमा वाले (TL) प्रकरणों को भी त्वरित रूप से निपटाने पर ज़ोर दिया गया।
मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की गुणवत्ता पर जोर
कलेक्टर ने आगामी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य (SIR) की प्रगति की भी विधानसभावार समीक्षा की।
- निर्देश: उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को कार्य की गति और गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए।
- आधारशिला: कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है, इसलिए ड्राफ्ट रोल की तैयारी समय सीमा में त्रुटिरहित पूरी होनी चाहिए।
- मॉनिटरिंग: उन्होंने सभी बीएलओ और अमले को त्रुटियों का त्वरित सुधार करने और फील्ड में नियमित मॉनिटरिंग कर निर्धारित समय सीमा में कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करने का निर्देश दिया।




