Drnewsindia.com/दोराहा दोराहा थाना क्षेत्र के सतपोन गांव में बुधवार को उस समय तनावपूर्ण हालात बन गए, जब ग्रामीणों को यह जानकारी मिली कि गांव में कथित रूप से बूचड़खाना (गोवंश वध स्थल) का निर्माण किया जा रहा है। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य को तुरंत रुकवा दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्माण उनकी धार्मिक और सामाजिक मान्यताओं के खिलाफ है तथा इसे बिना किसी सरकारी अनुमति के शुरू किया गया है। ग्रामीणों ने मौके पर नारेबाजी करते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, निर्माण पर लगाई रोक
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार एस. देशमुख, दोराहा टीआई राजेश सिंह और पुलिस बल तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे। अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया और संबंधित निर्माणकर्ता से समस्त आवश्यक दस्तावेज पाँच दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि दस्तावेजों की जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य पूर्णतः बंद रहेगा।
आसपास के गांवों के लोग भी पहुंचे समर्थन में
मामले की जानकारी फैलते ही झरखेड़ा, सोनकच्छ, पाटन, कतपोन सहित कई आसपास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में सतपोन पहुँच गए। ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी भी परिस्थिति में बूचड़खाना निर्माण नहीं होने देंगे।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मामले में पारदर्शिता की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन को निर्माण की अनुमति, उद्देश्य और दस्तावेजों को सार्वजनिक करना चाहिए।
प्रशासन ने दिया जांच का भरोसा
अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बिना अनुमति कोई भी निर्माण आगे नहीं बढ़ेगा और मामले की पूरी जांच की जाएगी। प्रशासन की समय पर कार्रवाई और ग्रामीणों की जागरूकता के चलते स्थिति नियंत्रण में रही।
मौके पर मौजूद रहे स्थानीय प्रतिनिधि
इस दौरान सरपंच दिवान सिंह ठाकुर, सरपंच पर्वत सिंह मीणा, सरपंच कमल सिंह लोधी, बदामीपाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।




