Drnewsindia/सीहोर। वीआईटी यूनिवर्सिटी में दूषित भोजन और पानी की शिकायत के बाद छात्रों द्वारा किए गए उग्र आंदोलन के बाद सरकार सक्रिय हो गई है। मामले को संवेदनशील मानते हुए गुरुवार को जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर सीहोर पहुंचीं और सीधे कैंपस जाकर छात्रों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि “इस पूरे मामले में प्रबंधन की स्पष्ट चूक है और सरकार हर हाल में छात्रों की सुरक्षा व स्वास्थ्य का ध्यान रखेगी।”
देर रात हंगामे के बाद सरकार की सख्त कार्रवाई
मंगलवार देर रात कैंपस में हंगामा, मारपीट और आगजनी के बाद अब पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे गंभीर मामला मानते हुए जांच समिति गठित कर दी है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि “सरकार की प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
कलेक्ट्रेट में हुई महत्वपूर्ण बैठक

मंत्री कृष्णा गौर ने कलेक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत सभा कक्ष में अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में—
- सीहोर विधायक सुदेश राय
- आष्टा विधायक गोपाल इंजीनियर
- कलेक्टर बाला गुरु के
- एसपी दीपक कुमार शुक्ला
सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में मंत्री ने जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई के आदेश भी दिए।
भोजन और पानी के सैंपल लिए गए
छात्रों ने लंबे समय से भोजन की खराब गुणवत्ता और दूषित पानी की शिकायतें उठाई थीं।
- खाद्य विभाग ने भोजन के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
- पीएचई विभाग ने पानी के सैंपल परीक्षण हेतु एकत्र किए हैं।
कैंपस पहुंचकर छात्रों की बात सुनी
मंत्री कृष्णा गौर वीआईटी यूनिवर्सिटी कैंपस भी पहुंचीं और हॉस्टल में रह रहे छात्रों से बातचीत की। उन्होंने भोजन और पानी से जुड़े मुद्दों को विस्तार से सुना। इस दौरान आष्टा विधायक गोपाल इंजीनियर भी मौजूद रहे।
मंत्री ने कहा—
“सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। उनकी छोटी से छोटी समस्या को तुरंत हल किया जाना चाहिए। प्रबंधन पारदर्शी व्यवहार अपनाए और सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।”
प्रबंधन की चूक से बिगड़ी स्थिति
प्रभारी मंत्री ने वीआईटी रजिस्ट्रार केके नायर व अन्य अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि—
“प्रबंधन छात्रों की समस्या को समझने में चूक गया, इसी कारण स्थिति बिगड़ी।”
वहीं आष्टा विधायक गोपाल इंजीनियर ने भी प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि—
“कालेज का प्रबंध फेल है। छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से न लेने का परिणाम है यह स्थिति।”



