भोपाल। राजधानी भोपाल ,सीहोर के श्यामपुर, दोराहा तहसील में मवेशी कारोबार की आड़ में सरकारी और बेशकीमती जमीनों पर अवैध कब्जा (लैंड जिहाद) किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। ईटखेड़ी थाना क्षेत्र स्थित परेवाखेड़ा से शुरू हुआ यह विवाद अब सीहोर के श्यामपुर, दोराहा तहसील दोराहा थाना क्षेत्र के सतपोन गांव में तनावपूर्ण हालात बन गए, जब ग्रामीणों को यह जानकारी मिली कि गांव में कथित रूप से बूचड़खाना (गोवंश वध स्थल) का निर्माण किया जा रहा है। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य को तुरंत रुकवा दिया।राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव का केंद्र बन गया है, जहाँ पहले कार्रवाई करने वाले थाना प्रभारी को हटा दिया गया और फिर भारी विरोध के बाद आदेश निरस्त करना पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, ईटखेड़ी थाना क्षेत्र के परेवाखेड़ा में सरकार की बेशकीमती जमीन पर भू-माफिया की नजर है। यहाँ पहले अवैध कॉलोनियों के प्रयास हुए। हाल ही में, इसी क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों द्वारा कबाड़े की दुकान खोलने की सूचना मिली थी, जिसे स्थानीय विरोध के बाद प्रशासन ने हटाया।
डेयरी की आड़ में बसाहट की तैयारी
- जिंसी के पास बसाहट: परेवाखेड़ा से हटाए गए लोगों ने जहांगीराबाद स्थित जिंसी के नजदीक बड़ी संख्या में भैंस खरीदीं (स्लॉटर हाउस के कारोबारियों से)।
- शिकायत: रातों-रात डेयरी की आड़ में यहाँ अवैध बसाहट चालू कर दी गई। अचारपुरा की सरपंच प्रतिनिधि मायाराम अहिरवार को जब यह जानकारी मिली, तो उन्होंने इसका विरोध करते हुए ईटखेड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
- अवैध पशु बाजार: इसके अलावा, खसरा नंबर 112 की जमीन के मालिक रेहान खान ने अपने नेशनल शादी हॉल के पास बिना प्रशासनिक अनुमति के पशुओं का खरीदी-विक्रय केंद्र (बाजार) शुरू कर दिया और कई पशु व्यापारियों से अनुबंध भी कर लिया।
इन आरोपियों पर दर्ज हुआ प्रकरण
सरपंच प्रतिनिधि की शिकायत पर थाना प्रभारी आशीष सप्रे ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सोमवार को निम्नलिखित 6 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया:
- रेहान खान पिता मन्ना खान (निवासी बाफना कॉलोनी, हनुमानगंज)
- उस्मान कुरैशी पिता अब्दुल बैंकी (निवासी इस्लामपुरा, तलैया)
- मोहम्मद नवेद पिता नवाब अहमद
- मुजम्मिल कुरैशी पिता अनीश कुरैशी
- अयानु कुरैशी पिता नवाब कुरैशी (निवासी जिंसी, जहांगीराबाद)
- वसीम कुरैशी
दबाव में कार्रवाई और आदेश निरस्ती
प्रकरण दर्ज होने की जानकारी मिलते ही यह मामला प्रशासनिक विवाद का विषय बन गया।
- विरोध प्रदर्शन: दर्जनों वाहनों में सवार होकर सैकड़ों मुस्लिम समुदाय के लोग थाने पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधीक्षक (देहात) रामशरण प्रजापति को घेर लिया और कार्रवाई न करने के लिए दबाव बनाया।
- थाना प्रभारी को हटाया: इस दबाव के कारण एसपी ने थाना प्रभारी आशीष सप्रे को लाइन अटैच करने का आदेश जारी कर दिया।
- आदेश निरस्त: थाना प्रभारी पर दबाव में हुई इस कार्रवाई का राष्ट्रवादी संगठनों ने कड़ा विरोध किया। उन्होंने आदेश निरस्त नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। मामला शासन तक पहुंचा और वास्तविकता जानने के बाद, थाना प्रभारी को लाइन अटैच किए जाने का आदेश तत्काल वापस ले लिया गया।
- प्रतिक्रिया का अभाव: घटनाक्रम को लेकर भोपाल देहात एसपी रामशरण प्रजापति से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।




