खजुराहो में सरकार: अगले तीन साल की बड़ी योजना — 81 विधानसभा क्षेत्रों में नए औद्योगिक एरिया, 12 हज़ार+ स्टार्टअप लक्ष्य

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Drnewsindia.com /मध्य प्रदेश सरकार ने खजुराहो में आयोजित समीक्षा बैठक में अगले तीन साल के लिए व्यापक औद्योगिक और स्टार्टअप लक्ष्यों का ऐलान किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में एमएसएमई विभाग ने 81 विधानसभा क्षेत्रों में नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, स्टार्टअप्स की संख्या दोगुनी करने और हर जिले में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने जैसे महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य पेश किए।


क्या-क्या तय हुआ

  • 81 विधानसभा क्षेत्रों में नए औद्योगिक एरिया विकसित करने का लक्ष्य
  • प्रदेश में मौजूदा लगभग 6,340 स्टार्टअप्स की संख्या को 12,000+ तक ले जाने का उद्देश्य।
  • हर जिले में कम से कम एक इनक्यूबेशन सेंटर: 3 साल में 100 नए इनक्यूबेशन सेंटर बनाने का लक्ष्य।
  • जनवरी 2026 में स्टेट-लेवल स्टार्टअप कॉन्क्लेव का आयोजन।
  • अगले 3 वर्षों में एमएसएमई यूनिट्स को 5,000 करोड़ रुपये से अधिक प्रोत्साहन देने की घोषणा।

बैठक में दिए गए प्रमुख आँकड़े और उपलब्धियाँ

  • पिछले दो वर्षों में एमएसएमई रजिस्ट्रेशन में 31% की वृद्धि और 2,780 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि का वितरण।
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 39,600 करोड़ रुपये के निवेश के संकेत; 1240 भूखंड उद्यमियों को आवंटित किए गए।
  • पिछली अवधि में 12.70 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए; 327 इकाइयों ने उत्पादन शुरू किया और 40,000+ रोजगार सृजित हुए।

अन्य विभागों की समीक्षा — क्या निर्णय लिए गए

  • राजस्व: लंबित भूमि विवादों के निपटान के लिए पुन: राजस्व महाअभियान; भूमि अभिलेख डिजिटाइज और भू-अर्जन ऑनलाइन।
  • नगरीय विकास: पीएम आवास 2.0 के तहत 6 लाख नए आवास; अमृत 2.0 के तहत जल परियोजनाएँ व एसटीपी आदि। इंदौर-मेट्रो व भोपाल-मेट्रो पर विशेष ध्यान।
  • रोजगार व स्वरोजगार: अगले तीन साल में 20 लाख से अधिक रोजगार सृजन का लक्ष्य; 30,000 उद्यमियों को स्वरोजगार योजना के तहत लाभ।

मुख्यमंत्री के निर्देश और फोकस क्षेत्र

मुख्यमंत्री ने एमएसएमई विभाग को निर्देश दिए कि इंदौर और भोपाल जैसे मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में निवेश और रोज़गार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही राज्य को वैश्विक निवेश स्थल के रूप में ब्रांड करने व लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत करने की योजना पर ज़ोर रहेगा — खासकर विंध्य-महाकौशल और मालवा-निमाड़ में इनलैंड कंटेनर डिपो विकसित करने पर। एफडीआई आकर्षित करने के लिए अमेरिका, जापान और यूके पर फोकस रखने का भी संकेत दिया गया।


समयरेखा और बड़े इवेंट

  • जनवरी 2026: स्टेट-लेवल स्टार्टअप कॉन्क्लेव।
  • डिसंबर (इंडस्ट्री ईयर समापन): ग्वालियर में बड़े निवेश (भूमिपूजन/भूखंड आवंटन) के कार्यक्रम — लगभग 2 लाख करोड़ के लक्षित निवेश का प्रदर्शन।

क्या मायने रखता है

  1. विकास-नियोजन का स्केल बड़ा है: 81 विधानसभा क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्रों का विकास और 2x स्टार्टअप वृद्धि लक्ष्य—यह स्पष्ट संकेत है कि राज्य औद्योगिक आधार व उद्यमशीलता दोनों बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
  2. नियोक्ता-आकर्षण के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर: इनलैंड कंटेनर डिपो व लॉजिस्टिक्स सुधार निवेश लाने में मदद करेंगे, पर जमीन पर तेजी से भूखंड आवंटन व क्लस्टर-बिल्डिंग ज़रूरी।
  3. रोज़गार और स्वरोजगार केंद्रित नीतियाँ: 20 लाख रोजगार का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है — सफलता के लिए स्किल-ट्रेनिंग-to-जॉब प्लेसमेंट मैकेनिज़्म की वास्तविकता मायने रखेगी।



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