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बरखेड़ी दोराहा, 11 दिसंबर 2025
पशु प्रेम और तत्परता की एक मिसाल पेश करते हुए, ग्राम बरखेड़ी दोराहा के समीप जंगल में आवारा कुत्तों के हमले से घायल हुए एक हिरण के बच्चे को ग्रामीणों ने समय रहते बचा लिया। यह घटना मंगलवार, 10 दिसंबर 2025 की है, जब तालाब के पास जंगल में एक नवजात हिरण कुत्तों के चंगुल में फंस गया था।
देवदूत बनकर आए राहगीर
राहगीर बबलू लोधी (बरखेड़ी), संतोष कुशवाह, और शिवनारायण अहिरवार (शाहजहांपुर) ने इस हृदय विदारक दृश्य को देखा। उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए बहादुरी से हिरण के बच्चे को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया।
जनप्रतिनिधि की त्वरित कार्रवाई
बच्चे को सुरक्षित करने के बाद, उन्होंने जनपद सदस्य रमेश लोधी को इसकी सूचना दी। रमेश लोधी तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल बच्चे की स्थिति देखते हुए बिना देर किए वन विभाग को सूचित किया।
वन विभाग की देखरेख में उपचार
वन विभाग की टीम, जिसमें नाकेदार घनश्याम वर्मा जी भी शामिल थे, घटनास्थल पर पहुंची।
- प्राथमिक उपचार: मानवीय पहल करते हुए, जनपद सदस्य रमेश लोधी ने घनश्याम वर्मा जी की उपस्थिति में हिरण के बच्चे का मलहम पट्टी कर प्राथमिक उपचार किया।
- दस्तावेज़ीकरण: घटना का विधिवत पंचनामा बनाया गया।
- अस्पताल ले जाना: नाकेदार घनश्याम वर्मा जी, दुर्गा प्रसाद वर्मा, और भीम सिंह गुर्जर (फील्ड चौकीदार) बच्चे को आगे के इलाज के लिए तुरंत वेटरिनरी अस्पताल ले गए, जहाँ उसका उपचार जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब इंसान और प्रकृति के बीच तालमेल होता है, तो हर जीवन अनमोल होता है। ग्रामीणों की यह तत्परता सराहनीय है और उन्होंने मानवता तथा पशु प्रेम की एक उत्कृष्ट मिसाल कायम की है।




