ब्रेकिंग: मप्र में 24 साल पुराना ‘दो बच्चे’ का नियम खत्म होगा! सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी बड़ी राहत

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भोपाल | गौरव चौहान

मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेने जा रही है। पिछले 24 सालों से लागू ‘दो बच्चे से अधिक होने पर नौकरी जाने’ की विवादास्पद सीमा को अब हटाने का निर्णय लिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस प्रतिबंध को पूरी तरह हटाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दिया है। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही यह लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा।

क्या है नया फैसला?

साल 2001 में कांग्रेस की दिग्विजय सिंह सरकार द्वारा लागू किए गए ‘मध्य प्रदेश सेवा भर्ती सामान्य शर्ते नियम 1961’ के उस नियम को हटाया जा रहा है, जिसके तहत सरकारी कर्मचारियों के दो से अधिक बच्चे होने पर उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता था। यह फैसला राज्य के 7 लाख से अधिक कर्मचारियों को सीधे प्रभावित करेगा।

भागवत के बयान ने दी गति

इस 24 साल पुराने नियम को हटाने के लिए लंबे समय से चल रही चर्चाओं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत के एक बयान के बाद गति मिली।

  • मोहन भागवत का बयान: ठीक एक साल पहले (दिसंबर 2024 में), मोहन भागवत ने नागपुर में कहा था कि जनसंख्या संतुलन बनाए रखने के लिए हर परिवार में कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए, क्योंकि ‘बहुत कम बच्चे वाली समाज धीरे-धीरे खत्म हो जाती है।’ उन्होंने देश की जनसंख्या नीति 2.1 का उल्लेख करते हुए इसे संतुलित बताया था।
  • प्रक्रिया की शुरुआत: मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, मोहन भागवत के इस बयान के बाद ही दो बच्चों की सीमा हटाने की प्रक्रिया को उच्च स्तर से निर्देश मिलने के बाद तेज किया गया।
  • अंतिम चरण: अक्टूबर 2025 में सरकार ने संकेत दिया और अब तीन महीने की लंबी चर्चा के बाद GAD ने अंतिम प्रस्ताव मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दिया है।

📜 जानकार सूत्र: “यह फैसला सिर्फ कर्मचारियों को राहत नहीं देगा, बल्कि यह संकेत देता है कि राज्य सरकार अब जनसंख्या नियंत्रण के बजाय जनसंख्या संतुलन की नीति पर विचार कर रही है।”

पड़ोसी राज्यों की राह पर मप्र

मध्य प्रदेश यह सीमा हटाने वाला पहला राज्य नहीं है। पड़ोसी राज्यों ने पहले ही यह प्रतिबंध हटा दिया था:

राज्यप्रतिबंध हटाने का वर्ष
राजस्थान2016
छत्तीसगढ़2017
मध्य प्रदेश(जल्द ही)

आगे क्या होगा?

  1. प्रस्ताव को सीएम सचिवालय से हरी झंडी मिलेगी।
  2. इसके बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
  3. कैबिनेट की स्वीकृति मिलते ही यह नियम तुरंत लागू हो जाएगा।

नियम हटने के बाद, तीसरा बच्चा पैदा करने वाले किसी भी सेवारत अधिकारी या कर्मचारी को अब नौकरी से बर्खास्त नहीं किया जा सकेगा।

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