Drnewsindia.com/सीहोर।
सीहोर में निर्माणाधीन ओवर ब्रिज की गंभीर अनियमित्ताओं और लापरवाही को उजागर करने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी ने आज एक अनोखा प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें ब्रिज कॉर्पोरेशन को “नींद से जगाने” और सरकार की “आँखों से पट्टी हटाने” का प्रयास किया गया। कांग्रेस ने स्पष्ट मांग की है कि निजी भूमि अधिग्रहण 3000 वर्गफीट से बढ़ाकर 5000 वर्गफीट किया जाए और जनहित में दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण तुरंत शुरू हो।
गलत डिजाइन, बार-बार बदलाव, और कुंभकरण रूपी नींद
राजीव गुजराती ने मौके पर उपस्थित पत्रकारों से चर्चा करते हुए निर्माण कार्य में हुई गंभीर चूक पर निशाना साधा।
- मूल चूक: श्री गुजराती ने आरोप लगाया कि ब्रिज कॉर्पोरेशन ने बिना जमीनी सर्वे किए ही गलत ड्राइंग डिजाइन बनाई, जिसका परिणाम यह हुआ कि ड्राइंग को बार-बार बदलना पड़ा।
- निजी भूमि का अधिग्रहण: पहले ब्रिज कॉर्पोरेशन यह दावा कर रहा था कि निजी भूमि की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन अब यह दावा गलत साबित हुआ है और 3000 वर्गफीट निजी भूमि का अधिग्रहण शुरू हो चुका है।
- मुख्य मांग: कांग्रेस की मांग है कि अधिग्रहण को 5000 वर्गफीट तक बढ़ाया जाए ताकि ब्रिज के दोनों ओर स्थायी सर्विस रोड का निर्माण किया जा सके और जनता को राहत मिले।
राजीव गुजराती (जिला अध्यक्ष, कांग्रेस): “हमने नुक्कड़ नाटक से सोया हुआ ब्रिज कॉर्पोरेशन, आँख पर पट्टी बाँधे सरकार और कुम्भकरण रूपी निर्माण कंपनी के आगे बीन बजाकर जगाने की कोशिश की है। निर्माण से पहले सर्विस रोड न बनने से लोग दो साल से गड्ढों, धूल और दुर्घटनाओं से परेशान हैं।”
लेआउट में बदलाव का विवादास्पद इतिहास
कांग्रेस ने ब्रिज निर्माण की समय-सारणी पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं, जो निर्माण विभाग की अदूरदर्शिता को दर्शाते हैं:
| समयरेखा | घटना | परिणाम |
| दिसंबर 2023 | कार्यदिश जारी | ब्रिज नरेश माधुर जी के घर के सामने खत्म होना था, कोई अधिग्रहण नहीं। |
| अप्रैल 2024 | अचानक ड्राइंग बदली | हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का पहुँच मार्ग बंद करना प्रस्तावित, बिना विकल्प सोचे काम में तोड़फोड़। |
| सितंबर 2025 | निजी भूमि के पास रुकावट | निरंतर विरोध के बावजूद पहुँच मार्ग बंद रहा, निवासियों को परेशानी, बरसात में दुर्घटनाएं। |
| अक्टूबर 2025 | भूअर्जन की आवश्यकता महसूस | निर्माण विभाग को अंततः बाधा दूर करने के लिए निजी भूमि अधिग्रहण आवश्यक लगा। |
जिम्मेदार अधिकारियों से कांग्रेस के प्रश्न
कांग्रेस ने इन गंभीर अनियमित्ताओं के जवाब सार्वजनिक करने की मांग की है:
- योजना निर्माण: जब डीपीआर में भूअर्जन प्रस्तावित नहीं था, तो निर्माण विभाग ने किस भूमि पर निर्माण की योजना बनाई थी?
- ड्राइंग परिवर्तन: निर्माण के दौरान लेआउट में बार-बार परिवर्तन क्यों किया गया?
- पहुँच मार्ग: उत्तर दिशा स्थित कॉलोनियों (जैसे हाउसिंग बोर्ड) के निवासियों की पहुँच मार्ग की समस्या का निराकरण क्यों नहीं किया जा रहा है?
प्रदर्शन में उपस्थिति
विवादास्पत अनियमित्ताओं से घिरे इस निर्माणाधीन ओवर ब्रिज के विरोध में नुक्कड़ सभा कर लोगों को जागरूक किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से जफर लाला, प्रीतम दयाल चौरसिया, सीताराम भारती, रमेश गुप्ता, विवेक राठौर, राकेश वर्मा, रामप्रकाश चौधरी, घनश्याम यादव, घनश्याम मीणा, मनोज परमार, प्रेमनारायण परमार, इरफान लाला, मजीद अंसारी, के.के.रिछारिया, कमलेश चाण्डक, भगत सिंह तोमर, आसिफ अंसारी, धीरज ठाकुर, संतोष मालवीय, अनिल सेन, यश यादव, मोनू शर्मा, मनीष मेवाड़ा, हरिओम सिसोदिया, शुभम सक्सेना, अक्षत सेंगर, गजराज परमार, दिव्यांश, आशीष परमार, अरबाज़ खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।




