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मध्यप्रदेश की मोहन सरकार अपने 2 वर्ष पूरे कर रही है। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सीएम ने कहा कि प्रदेश में सबसे बड़ी चुनौती कानून व्यवस्था थी, खासतौर पर नक्सल प्रभावित इलाकों में। सरकार ने दो वर्षों में न केवल नक्सलवाद को समाप्त किया, बल्कि सिस्टम को इतना मजबूत बनाया कि समस्या दोबारा न उभर सके।
नक्सलवाद पर सख्त कार्रवाई—“हमारे जवानों की कुर्बानी को सलाम”
सीएम ने कहा कि कभी बालाघाट, मंडला और डिंडोरी जैसे जिले नक्सलवाद की मार झेलते थे।
कई पुलिसकर्मियों की हत्या एक साथ कर दी जाती थी। यहां तक कि एक मंत्री की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई थी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद खत्म करने की समय सीमा तय की, तो चुनौती बड़ी थी—but पुलिस अधिकारियों ने स्वयं आगे आकर कठिन इलाकों में ड्यूटी मांगी। इससे अभियान को गति मिली।
उन्होंने कहा,
“हमारे जवानों और आम नागरिकों ने इसकी बड़ी कीमत चुकाई है, मैं उन सभी को सलाम करता हूं।”
नदी जोड़ो परियोजना—सिंचाई क्षेत्र में तेजी से बढ़ोतरी
सीएम यादव ने कहा कि प्रदेश में नदी जोड़ो योजना से सिंचाई का रकबा बढ़ रहा है।
राजस्थान–मध्यप्रदेश के बीच परस्पर सहमति से पार्वती, कालीसिंध और चंबल का पानी दोनों राज्यों को उपलब्ध होगा।
उज्जैन की शिप्रा के लिए 800 करोड़ की योजना
- पिछले सिंहस्थ में शिप्रा में जल की कमी थी, इसलिए साधु-संतों को गंभीर नदी के पानी से स्नान कराना पड़ा था।
- इस बार 800 करोड़ रुपए की विशेष योजना बनाई गई है, जिससे सिंहस्थ 2028 में शिप्रा के जल से ही स्नान कराया जा सकेगा।
साथ ही,
गंभीर और खान नदी को जोड़ने के लिए टनल निर्माण कर राज्य में नदी-से-नदी जोड़ने का पहला मॉडल तैयार किया गया है।

भोपाल में GIS सुविधा लागू—सागर खाद कारखाना फिर शुरू
सीएम ने कहा कि भोपाल में GIS सुविधा पहले उपलब्ध नहीं थी, जिसे उनकी सरकार ने लागू किया।
सागर में यूरिया-खाद का कारखाना शुरू होने से प्रदेश में खाद आपूर्ति आसान होगी।
उन्होंने कहा,
“हमने केवल व्यवस्थाएं नहीं चलाईं, बल्कि दूरदर्शी सोच के साथ ऐसे प्रोजेक्ट पूरे किए, जो लंबे समय लेते हैं।”
हुकुमचंद मिल विवाद सुलझा—70 से 80 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट आ रहा
इंदौर की हुकुम चंद मिल, जो 300–400 करोड़ के बकाया विवाद में फंसी थी, उसका समाधान कर दिया गया है।
अब यहां 70–80 हजार करोड़ का बड़ा औद्योगिक प्रोजेक्ट आने वाला है।
“भोपाल गैस त्रासदी के कचरे का निष्पादन हमारी सरकार ने किया”
सीएम ने कहा कि दशकों से लंबित भोपाल गैस त्रासदी के कचरे के निपटान का काम उनकी सरकार ने पूरा किया, जो राज्य की बड़ी उपलब्धि है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा फैसला—“प्राइवेट से ज्यादा वेतन देकर एक्सपर्ट लाएंगे”
डॉक्टरों की कमी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए मैनपावर बढ़ाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा,
“हमने तय किया है कि प्राइवेट सेक्टर से अधिक वेतन देकर एक्सपर्ट डॉक्टरों को सरकारी सेवा में लाएंगे।”
डिप्टी सीएम बोले—“दो वर्षों में विकास और विरासत दोनों पर फोकस”
कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा कि सरकार ने बीते दो वर्षों में विकास और विरासत दोनों पर समान ध्यान दिया है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि त्वरित निर्णय और पारदर्शी शासन के कारण प्रदेश में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है।
सीएम ने विभिन्न जिलों में कैबिनेट बैठकें कर क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता दी है।
‘विकास और सेवा के दो वर्ष’ पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम में सरकार की उपलब्धियों पर आधारित ‘विकास और सेवा के दो वर्ष’ पुस्तक का विमोचन किया गया।




