सामाजिक समरसता, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्यों पर रहेगा फोकस
Drnewsindia/भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में हिंदू समाज के जागरण और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने के लिए हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में भी संघ अपने शताब्दी वर्ष पर प्रदेशव्यापी हिंदू सम्मेलन करने जा रहा है। ये सम्मेलन 20 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 20 जनवरी 2026 तक चलेंगे।
संघ ने इसे लेकर मध्य भारत प्रांत में संगठनात्मक तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश की हर बस्ती और हर मंडल में हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से समाज के हर वर्ग तक संघ और हिंदुत्व से जुड़े विचार पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इन सम्मेलनों का प्रमुख केंद्र बिंदु सामाजिक समरसता रहेगा।
स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और नागरिक कर्तव्यों का संदेश
हिंदू सम्मेलनों के जरिए स्वदेशी विचारधारा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। लोगों को स्थानीय उत्पादों के उपयोग, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इसके साथ ही नागरिक कर्तव्यों के अंतर्गत समाज को अपने दायित्वों, अनुशासन और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जिला से बस्ती स्तर तक बैठकों का दौर
मध्य भारत प्रांत में जिला, नगर और बस्ती स्तर पर बैठकों का सिलसिला शुरू हो चुका है। संघ की टोली और कार्यकारिणी के पदाधिकारी इन बैठकों में शामिल होकर
- सम्मेलन की रूपरेखा
- ध्वज और कलश स्थापना
- जनसंपर्क
- संगठनात्मक विस्तार
जैसे विषयों पर रणनीति तय कर रहे हैं।
सामाजिक समरसता पर विशेष जोर
सम्मेलनों में जाति-भेद समाप्त कर समानता, सहभागिता और सम्मान को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस रहेगा।
कुटुंब प्रबोधन के अंतर्गत परिवार की एकता, पारिवारिक संस्कारों और भारतीय परंपरागत मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा।
पर्यावरण और पंच परिवर्तन पर चर्चा
पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों में
- स्वच्छता
- जल संरक्षण
- पौधारोपण
- प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी
जैसे मुद्दे शामिल होंगे।
इन आयोजनों में पंच परिवर्तन पर भी विशेष चर्चा होगी, जिसके अंतर्गत
- सामाजिक समरसता
- कुटुंब प्रबोधन
- पर्यावरण
- स्व का बोध
- नागरिक कर्तव्य
में व्यवहारिक और सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया जाएगा।
मध्य भारत प्रांत का व्यापक संगठनात्मक ढांचा
मध्य भारत प्रांत का संगठनात्मक विस्तार काफी व्यापक है।
इस प्रांत में—
- 8 विभाग
- 31 जिले
- 137 खंड
- 1814 मंडल
शामिल हैं। इसके अंतर्गत
- 16,568 ग्राम
- 37 महानगरीय नगर
- 45 अन्य नगर
- 775 बस्तियां




