Drnewsindia.com / 22 दिसंबर 2025
सीहोर / जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक में कलेक्टर बालागुरू के. ने दो मुख्य विषयों—किसानों का डिजिटल पंजीकरण और संभावित जल संकट—पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

1. फार्मर रजिस्ट्री: अब गांव-गांव लगेंगे कैंप
किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी लाभ दिलाने के लिए ‘फार्मर रजिस्ट्री’ को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
- विशेष शिविर: ग्राम स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे ताकि किसानों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
- विभागीय समन्वय: राजस्व, कृषि और सहकारिता विभाग को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
- निगरानी: पंजीयन प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग होगी ताकि जिले का एक भी किसान इस सुविधा से वंचित न रहे।
2. जल संकट पर चिंता: “पानी का विवेकपूर्ण उपयोग अनिवार्य”
जिले में औसत से कम वर्षा होने के कारण आगामी गर्मियों में पेयजल संकट की आशंका जताई गई है। इसके लिए कलेक्टर ने ‘प्रिवेंटिव एक्शन प्लान’ तैयार करने को कहा है:
- चिह्नित क्षेत्र: उन पंचायतों और वार्डों की सूची तैयार की जाएगी जहां पानी की किल्लत सबसे ज्यादा हो सकती है।
- वैकल्पिक व्यवस्था: अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जरूरत पड़ने पर टैंकर या अन्य वैकल्पिक साधनों से जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- जन जागरूकता: ग्राम सभाओं के माध्यम से नागरिकों को जल संरक्षण और सीमित उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।
बैठक के अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
| विषय | निर्देश |
| सीएम हेल्पलाइन | लंबित प्रकरणों का संतुष्टिपूर्ण और त्वरित निराकरण करें। |
| समय-सीमा (TL) | सभी विभाग अपने पेंडिंग कार्यों को तय समय के भीतर पूरा करें। |
| पारदर्शिता | शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे और बिना किसी बाधा के हितग्राहियों तक पहुँचाएं। |
कलेक्टर का संदेश: “उपलब्ध जल संसाधनों का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पेयजल आपूर्ति सुचारू रहे और किसानों की रजिस्ट्री का कार्य समय पर पूर्ण हो।”




