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सीहोर | भविष्य की ऊर्जा जरूरतों और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, श्री सत्य साईं विश्वविद्यालय (SSSUTMS) द्वारा ‘ग्रीन हाइड्रोजन एवं नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली’ विषय पर आयोजित छह दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
अटल-एआईसीटीई (ATAL-AICTE) के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर के शैक्षणिक जगत ने गहरी रुचि दिखाई।
प्रमुख बिंदु: एक नज़र में
- विषय: ग्रीन हाइड्रोजन, भंडारण और नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली।
- प्रतिभागी: देश के विभिन्न संस्थानों से 192 विशेषज्ञों, शोधार्थियों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
- उद्देश्य: शिक्षकों और शोधार्थियों को भविष्य की ‘क्लीन एनर्जी’ तकनीक से अपडेट करना।
विशेषज्ञों का मंथन: क्यों जरूरी है ग्रीन हाइड्रोजन?
कार्यक्रम के दौरान देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए वक्ताओं ने विस्तार से बताया कि कैसे ग्रीन हाइड्रोजन भविष्य की ऊर्जा अर्थव्यवस्था को बदल सकता है। चर्चा के मुख्य केंद्र रहे:
- उत्पादन और भंडारण: हाइड्रोजन को स्वच्छ तरीके से बनाने और सुरक्षित स्टोर करने की तकनीक।
- उपयोग: औद्योगिक क्षेत्र, भारी परिवहन और पावर ग्रिड में इसका प्रभावी उपयोग।
- सस्टेनेबिलिटी: कैसे यह तकनीक कार्बन उत्सर्जन को शून्य करने में मदद करेगी।
विश्वविद्यालय नेतृत्व का संदेश
“यह आयोजन न केवल ज्ञानवर्धक है, बल्कि वर्तमान समय की वैश्विक आवश्यकता के अनुरूप है। शोध और शिक्षण में ऐसे विषय समय की मांग हैं।” — डॉ. मुकेश तिवारी, कुलगुरु (VC)
आयोजन टीम और योगदान
इस गरिमामय कार्यक्रम को सफल बनाने में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों का विशेष योगदान रहा:
- मार्गदर्शक एवं संयोजक: डॉ. संतोष कुमार राय
- प्रबंधन: डॉ. संजय राठौर (परीक्षा नियंत्रक) एवं डॉ. मोहित गंगवार (शोध निदेशक)
- क्रियान्वयन: डॉ. सचिन बारस्कर (कार्यक्रम संयोजक) एवं श्री मनोज कुमार गंडवाने (सह-संयोजक)
- मंच संचालन: श्री देशदीपक
भविष्य की प्रतिबद्धता
समापन सत्र में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया और संकल्प लिया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी शोधोन्मुख और तकनीकी रूप से उन्नत विषयों पर ऐसे सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित करता रहेगा।




