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लटेरी (विदिशा) | जिला पुलिस ने लटेरी थाना क्षेत्र में एक निजी फाइनेंस कंपनी के एजेंट के साथ हुई लूट की गुत्थी को महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को दबोच लिया है, जबकि उनके दो अन्य साथी अभी फरार हैं।
क्या थी घटना?
22 दिसंबर को सीहोर निवासी धर्मेश सोनी, जो दिल्ली की एक निजी फाइनेंस कंपनी में कलेक्शन एजेंट हैं, ग्राम धूमगिर बरखेड़ा से लोन की किस्तें वसूलकर शमशाबाद लौट रहे थे। आगरा पठार के पास बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोका, डंडे से हमला किया और पैसों से भरा बैग छीनकर भाग निकले। बैग में ₹60,000 नकद, एक टैबलेट और महत्वपूर्ण दस्तावेज थे।
खुलासे का मुख्य कारण: ‘लोन की नाराजगी’
पुलिस की पूछताछ में जो वजह सामने आई वह हैरान करने वाली है। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि:
- उन्होंने उसी कंपनी से पहले लोन लिया था।
- उन्हें उम्मीद के मुताबिक पूरी राशि नहीं मिली थी, जिससे वे कंपनी और एजेंट से नाराज थे।
- इसी नाराजगी और पैसों के लालच में उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट का प्लान बनाया।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
एसपी रोहित काशवानी के निर्देश पर गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल) और मुखबिरों की मदद से आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा।
- गिरफ्तार आरोपी: अवधराज यादव और अभिषेक यादव (दोनों निवासी धूमगिर बरखेड़ा)।
- बरामदगी: ₹30,000 नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (कुल कीमत ₹55,000)।
- फरार: मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।
इन अधिकारियों की रही मुख्य भूमिका
इस त्वरित खुलासे में लटेरी थाना प्रभारी उप निरीक्षक जय कुमार सिंह, मुरवास थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों (एएसपी डॉ. प्रशांत चौबे व एसडीओपी अमरेश बोहरे) का विशेष योगदान रहा। एसपी ने पूरी टीम की पीठ थपथपाई है।
क्राइम अपडेट: विदिशा पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द होने की उम्मीद है।




