Drnewsindia.com/ग्वालियर।
ग्वालियर दौरे पर आए देश के गृह मंत्री अमित शाह के रवाना होते समय एक दिलचस्प और राजनीतिक रूप से अहम दृश्य सामने आया, जिसने भाजपा के भीतर चर्चाओं को तेज कर दिया है। होटल ऊषा से प्रस्थान के दौरान अमित शाह ने पूर्व गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा को विशेष रूप से अपनी गाड़ी के पास बुलाया और उनके साथ कुछ देर तक बातचीत की।
यह पूरा घटनाक्रम कुछ ही सेकंड का रहा, लेकिन इसके राजनीतिक मायने गहरे माने जा रहे हैं। अमित शाह उस समय गाड़ी की आगे वाली सीट पर बैठे थे। उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। इसी दौरान डॉ. नरोत्तम मिश्रा को गाड़ी के पास बुलाया गया, जिसके बाद गाड़ी के अंदर दोनों नेताओं के बीच संक्षिप्त लेकिन गंभीर बातचीत हुई।
बातचीत के दौरान दिखी सहमति की झलक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बातचीत के दौरान डॉ. नरोत्तम मिश्रा लगातार गर्दन हिलाते हुए सहमति जताते नजर आए। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि चर्चा किसी महत्वपूर्ण राजनीतिक या संगठनात्मक विषय पर हुई। हालांकि बातचीत की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इसे भाजपा के भीतर आगामी रणनीति और संगठनात्मक भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज
अमित शाह और नरोत्तम मिश्रा के बीच हुई इस बातचीत को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ जानकार इसे मध्यप्रदेश की आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़ रहे हैं, तो कुछ इसे संगठनात्मक जिम्मेदारी या भविष्य की भूमिका को लेकर अहम संकेत मान रहे हैं।
संक्षिप्त मुलाकात, बड़ा संदेश
भले ही यह संवाद कुछ ही क्षणों का रहा हो, लेकिन भाजपा की राजनीति में इसे साधारण नहीं माना जा रहा। अमित शाह का रवाना होते समय नरोत्तम मिश्रा को विशेष रूप से बुलाना और उनसे बातचीत करना, यह साफ संकेत देता है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की नजर उनके अनुभव और भूमिका पर बनी हुई है।




