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भोपाल / सीहोर जिले में पत्रकारों के साथ हुई कथित मारपीट और पुलिसिया दुर्व्यवहार की गूंज अब राजधानी तक पहुंच गई है। सोमवार को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) के छात्रों ने इस घटना के विरोध में विश्वविद्यालय परिसर स्थित ‘माखनपुरम चौराहा’ पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शन किया।
माखनलाल जी की प्रतिमा के नीचे जताया विरोध
प्रदर्शन की शुरुआत में मीडिया छात्रों, शोधार्थियों और छात्र संगठनों ने पंडित माखनलाल चतुर्वेदी (दादा) की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। छात्रों ने सरकार की ‘सद्बुद्धि’ के लिए प्रार्थना की और पत्रकारों पर हुए हमले को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार करार दिया।
“राजनीति नहीं, सम्मान की लड़ाई है”
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र प्रतीत चांडक ने स्पष्ट किया कि इस विरोध का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। उन्होंने कहा:
“यह विरोध पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। जब तक आष्टा टीआई पर एफआईआर दर्ज नहीं होती, मीडिया छात्र समुदाय चुप नहीं बैठेगा।”
⚖️ प्रमुख मांगें और उठते सवाल
विश्वविद्यालय के छात्रों ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- तत्काल निलंबन: घटना के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों, विशेषकर आष्टा टीआई पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई हो।
- सुरक्षा की गारंटी: पत्रकारों को निष्पक्ष कार्य करने के लिए सुरक्षित वातावरण मिले।
एनएसयूआई (NSUI) से जुड़े तनय शर्मा ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि राजधानी से महज 60 किमी दूर पत्रकारों के साथ ऐसी बर्बरता होती है, तो प्रदेश में ‘निर्भीक पत्रकारिता’ की उम्मीद करना मुश्किल है।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
इस शांतिपूर्ण आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र एकजुट हुए, जिनमें प्रमुख रूप से:
- ओंकार अवस्थी, प्रिंस चौधरी, अमन पठान
- उद्यांश पांडे, आदर्श पांडे, सत्यम मिश्रा
- पार्थ गौतम, दिव्यांशु पटेल, नितेश
- हिमांशु, सौरव केशव, आशीष मावई और अभिषेक समेत अन्य मीडिया विद्यार्थी मौजूद रहे।
संपादकीय टिप्पणी: पत्रकारों पर हमला न केवल अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने का प्रयास है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी के पत्रकारों (छात्रों) के मनोबल को भी प्रभावित करता है। MCU के छात्रों की यह एकजुटता एक सकारात्मक संदेश है।




