Drnewsindia / दिनांक: 4 जनवरी, 2026
रायसेन: जिले में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का डबल अटैक जारी है। लगातार दूसरे दिन रायसेन ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) की चपेट में रहा। उत्तर-पूर्वी बर्फीली हवाओं ने ऐसी ठिठुरन पैदा की है कि लोग दिन में भी अलाव के सहारे बैठने को मजबूर हैं।
कोहरा और विजिबिलिटी: 100 मीटर का पहरा
रविवार सुबह समूचा जिला घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा।
- दृश्यता (Visibility): नेशनल हाईवे और आंतरिक सड़कों पर विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम दर्ज की गई।
- यातायात: घनी धुंध के कारण सुबह के वक्त वाहन चालकों को मजबूरन हेडलाइट्स जलानी पड़ीं। चौक-चौराहों पर ड्यूटी करते ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी भीषण ठंड के बीच संघर्ष करते नजर आए।
तापमान का गणित: दिन में ठिठुरन, रात में राहत
मौसम के आंकड़ों में एक दिलचस्प बदलाव देखा गया है:
- दिन का पारा: शनिवार को अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अब यह 25°C से घटकर 21°C पर आ गया है, जिससे दिन में भी धूप बेअसर लग रही है।
- रात का पारा: आसमान में बादल छाए होने की वजह से रात के न्यूनतम तापमान में आंशिक बढ़ोतरी हुई है। 4 दिन पहले जो तापमान 5-6°C था, वह अब 10°C के पार पहुंच गया है।
क्यों चल रही है शीतलहर?
मौसम विभाग के अनुसार, 10 से 15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही उत्तर-पूर्वी सर्द हवाएं मैदानी इलाकों में नमी और ठंडक ला रही हैं। बादलों की मौजूदगी के कारण सूरज की गर्मी धरती तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है।
अगले 48 घंटे कैसे रहेंगे?
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि:
- अगले दो दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा।
- बादल छंटते ही रात के तापमान में दोबारा भारी गिरावट आ सकती है।
- सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।
सुरक्षा सलाह
- अलाव का सहारा: ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी चौराहों पर लोग प्रशासन से अलाव की व्यवस्था बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
- स्वास्थ्य: बुजुर्गों और बच्चों को सुबह-शाम की ठंड से बचने की सलाह दी गई है।




