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विदिशा/गुना | निशो बर्री कड़ाके की ठंड से बचने के लिए जलाया गया अलाव एक परिवार के लिए जिंदगी भर का मातम बन गया। विदिशा जिले के आनंदपुर थाना क्षेत्र में अलाव तापते समय 5 माह की मासूम बच्ची ‘आराध्या’ आग की चपेट में आ गई। गंभीर रूप से झुलसी बच्ची ने सोमवार सुबह गुना जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
निशो बर्री निवासी किसान दौलतराम अहिरवार का परिवार रविवार रात करीब 9 बजे घर के बाहर अलाव ताप रहा था। परिवार के अन्य बच्चों के साथ 5 महीने की आराध्या भी वहीं मौजूद थी। अचानक अनियंत्रित होकर बच्ची धधकते अलाव में जा गिरी।
सिस्टम की बेरुखी: न एम्बुलेंस मिली, न सही इलाज?
पीड़ित पिता ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जो हमारी स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलते हैं:
- एम्बुलेंस का अभाव: लटेरी अस्पताल से गंभीर हालत के बावजूद सरकारी एम्बुलेंस नहीं मिली। पिता निजी वाहन से बच्ची को गुना लेकर भागे।
- इलाज में देरी: पिता का आरोप है कि गुना जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने एक घंटे तक बच्ची को सही उपचार नहीं दिया और इधर-उधर टालते रहे।
- अस्पताल प्रशासन की चुप्पी: लापरवाही के आरोपों पर जब सिविल सर्जन से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
मजबूरी की तस्वीर: बाइक पर शव ले जाने को मजबूर पिता
इलाज के दौरान सोमवार सुबह 7:30 बजे आराध्या की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद भी सिस्टम की संवेदनहीनता खत्म नहीं हुई; पिता अपनी मासूम बेटी के शव को बाइक पर लेकर गांव के लिए रवाना हुए, जबकि दादा-दादी पीछे से बस के जरिए गांव पहुंचे।
⚠️ सावधानी: ठंड में बच्चों का रखें खास ख्याल
यह घटना एक चेतावनी है कि छोटे बच्चों के आसपास अलाव या हीटर का उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें:
- बच्चों को आग (अलाव) से कम से कम 3-4 फीट की दूरी पर बिठाएं।
- छोटे बच्चों को अकेले अलाव के पास कभी न छोड़ें।
- आपातकालीन स्थिति के लिए स्थानीय प्रशासन और एम्बुलेंस के नंबर पास रखें।




