
Drnewsindia / राजगढ़ | मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से इंसानियत और साहस को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां 5 साल के मासूम भाई को खतरे में देख 8 साल की बड़ी बहन ने अपनी जान की परवाह किए बिना एक खूंखार आवारा कुत्ते से संघर्ष कर उसकी जान बचा ली। करीब तीन मिनट तक चले संघर्ष में बच्ची ने न केवल भाई को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया, बल्कि सूझबूझ दिखाते हुए उसका प्राथमिक उपचार भी किया।
खेलते समय हुआ हमला
घटना राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नगर के वार्ड क्रमांक तीन सोमवारिया की है। जानकारी के अनुसार मजदूर सुरेश राव के बच्चे, 5 वर्षीय क्रिश और 8 वर्षीय लीजा, सोमवार को अपनी बुआ के घर आए हुए थे। दोनों बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे, तभी अचानक एक आवारा खूंखार कुत्ते ने मासूम क्रिश पर हमला कर दिया।
निहत्थे हाथ से कुत्ते से भिड़ी बहन
भाई की चीख-पुकार सुनते ही पास में खेल रही बहन लीजा बिना डरे निहत्थे हाथों से कुत्ते से जा भिड़ी। बच्ची ने पूरी ताकत और साहस के साथ करीब तीन मिनट तक संघर्ष किया और आखिरकार भाई को कुत्ते के जबड़े से छुड़ा लिया।
समझदारी से रोका खून
हमले में क्रिश के सिर में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। ठंड के मौसम में भी लीजा ने अपनी टी-शर्ट उतारकर भाई के सिर पर बांध दी, जिससे बहते खून को रोका जा सके। कुत्ते से लड़ाई के दौरान लीजा खुद भी घायल हो गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी।

स्थानीय लोगों ने कुत्ते को खदेड़ा
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आवारा कुत्ते को खदेड़कर भगाया। इसके बाद घायल बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
अपडेट
स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों बच्चों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस घटना के बाद नगर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर लोगों में आक्रोश है। नागरिकों ने नगर परिषद से आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए ठोस कार्रवाई की मांग की है। वहीं, छोटी उम्र में दिखाई गई बहादुरी के लिए लीजा की पूरे इलाके में सराहना हो रही है।



