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विदिशा: खरीफाटक रोड स्थित अरिहंत ज्वेलर्स में 6 जनवरी को हुई बेखौफ डकैती ने पूरे शहर के सराफा व्यापारियों को हिला कर रख दिया है। डकैतों के दुस्साहस ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि व्यापारियों के मन में पुलिस का खौफ खत्म होने का डर भी पैदा कर दिया है।
प्रमुख मांगें: बंदूक लाइसेंस और सुरक्षा का घेरा
इस घटना के विरोध और अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर सर्राफा एसोसिएशन विदिशा, नया सर्राफा एसोसिएशन एवं व्यापार महासंघ के प्रतिनिधियों ने एसपी रोहित काशवानी को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने मुख्य रूप से ये 3 मांगें रखी हैं:
- बंदूक लाइसेंस की सुगमता: सुरक्षा के लिए व्यापारियों को आसानी से शस्त्र लाइसेंस उपलब्ध कराए जाएं।
- गिरवी संबंधी नियम: 10-15 साल पुरानी गिरवी रकम को उठाने में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों और पुलिस कार्रवाई की समस्या का समाधान हो।
- त्वरित गिरफ्तारी: अरिहंत ज्वेलर्स के डकैतों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए।
एसपी का आश्वासन: “जल्द पकड़े जाएंगे आरोपी”
एसपी रोहित काशवानी ने व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल से विस्तार से चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया:
- डकैतों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
- गिरवी संबंधी मामलों में सभी थानों को स्पष्ट और आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।
- व्यापारियों की सुरक्षा के लिए बंदूक लाइसेंस की प्रक्रिया पर सकारात्मक सहमति जताई गई।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे: व्यापार महासंघ अध्यक्ष मुन्ना जैन, संजय चौधरी, राजेश खुकल सहित सर्राफा संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी।




