drnewsindia.com| इंदौर
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी (Contaminated Water) से फैली बीमारी ने विकराल रूप ले लिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। हालांकि, प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर 6 मौतों की पुष्टि की है, लेकिन मुआवजे की सूची में 18 नाम शामिल किए गए हैं, जिनमें दो नए नाम (रामकली जगदीश और श्रवण नत्यु) जुड़ने से मौतों का वास्तविक आंकड़ा 20 तक पहुंच गया है।
अस्पतालों की स्थिति: ICU में बढ़ रहे मरीज
इलाके में बीमारी का खौफ इस कदर है कि लोगों ने बोरिंग का पानी पीना बंद कर दिया है।
- कुल भर्ती मरीज: 429 (अब तक)
- डिस्चार्ज: 330
- वर्तमान में भर्ती: 99 मरीज
- गंभीर स्थिति: 16 मरीज ICU में भर्ती हैं, जिनमें से 3 वेंटिलेटर पर जीवन और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई और मुआवजे का गणित
इंदौर कलेक्टर और निगम कमिश्नर लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। प्रशासन ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का दावा किया है।
| विवरण | संख्या/स्थिति |
| पुष्ट मौतें (प्रशासन द्वारा) | 6 |
| मुआवजा सूची में नाम | 18 |
| कुल संभावित मौतें | 20 |
| सर्वे की गई टीमें | 61 (5013 घरों का सर्वे) |
निगम की अपील: आज दोपहर 12:30 बजे नर्मदा लाइन की टेस्टिंग सप्लाई की जाएगी। रहवासियों से अपील है कि टेस्टिंग के दौरान नलों की टोटी बंद रखें और पानी का इस्तेमाल न करें। टैंकर का पानी भी उबालकर ही पिएं।
हाईकोर्ट की फटकार: “देश में इंदौर की छवि खराब हुई”
मंगलवार को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में 5 याचिकाओं पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा:
- स्वच्छता पर सवाल: देश का सबसे स्वच्छ शहर अब दूषित पानी के कारण चर्चा में है, जो शर्मनाक है।
- मौलिक अधिकार: साफ पानी जनता का मौलिक अधिकार है।
- दोषियों पर कार्रवाई: कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सिविल और क्रिमिनल लायबिलिटी तय की जाएगी।
सियासी घमासान: इस्तीफे की मांग और प्रदर्शन
इस त्रासदी ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है:
- विपक्ष का धावा: पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रभावितों से मुलाकात की और मुख्यमंत्री, स्थानीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर से इस्तीफे की मांग की।
- महिला कांग्रेस का मार्च: आज बुधवार को प्रदेशभर में महिला कांग्रेस कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन करेगी।
क्या है ‘कोबो टूल’ (Kobo Tool)?
प्रशासन ने भागीरथपुरा का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए Kobo Tool मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया है। इसके जरिए 5013 घरों का रीयल-टाइम सर्वे किया गया, जिसमें 17 गलियां गंभीर रूप से संक्रमित पाई गई हैं। सर्वे में पाया गया कि प्रभावित क्षेत्र के 40-50% लोग किसी न किसी लक्षण से ग्रसित हैं।
ताजा अपडेट: स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर ‘क्लिनवेट ड्रॉप’ और दवाइयां बांट रही हैं। क्षेत्र में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।




