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ब्यावरा (राजगढ़): समीपस्थ ग्राम पीपलहेला स्थित प्रसिद्ध भैंसासुर महाराज धाम पर बीते एक सप्ताह से प्रवाहित हो रही भागवत रसधार का बुधवार को भव्य समापन हुआ। 1 जनवरी से शुरू हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में अंतिम दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
कथा व्यास: “बेटियों को पढ़ाएं और धर्म को बचाएं”
सुप्रसिद्ध कथा वाचिका बहन आशा दीदी (चतुर्भुज नाथ मंदिर, जूना ब्यावरा) के मुखारविंद से अमृत वर्षा हुई। कथा के दौरान उन्होंने न केवल आध्यात्मिक ज्ञान साझा किया, बल्कि सामाजिक संदेश भी दिए:
- नारी शिक्षा: बेटियों को शिक्षित करने और उन्हें स्वावलंबी बनाने पर विशेष जोर।
- सनातन धर्म: हिंदुत्व और अपनी संस्कृति के संरक्षण के प्रति जागरूकता।
मुख्य आकर्षण: सुदामा चरित्र और आकर्षक झांकी
कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र का मार्मिक प्रसंग सुनाया गया, जिसे सुनकर भक्त भाव-विभोर हो गए।
- झांकी: राधा-श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकी सजाई गई, जो आकर्षण का केंद्र रही।
- मेला: समापन के अवसर पर धाम परिसर में भव्य मेले का आयोजन हुआ, जिसमें आसपास के जिलों से हजारों लोग पहुंचे।
- महाप्रसादी: कथा विश्राम के पश्चात विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
आगामी बड़ा आयोजन: 151 कन्याओं का सामूहिक विवाह
भैंसासुर महाराज धाम के पंडाजी नारायण प्रसाद नागर ने सफल आयोजन के लिए सभी भक्तों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने एक बड़ी घोषणा भी की:
महत्वपूर्ण सूचना: आगामी 3 मई 2026 को भैंसासुर महाराज धाम पर 151 सर्वजातीय कन्याओं का भव्य निःशुल्क विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
एक झलक: जनभागीदारी
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में पीपलहेला सहित ब्यावरा और आसपास के ग्रामीणों ने तन-मन-धन से सहयोग किया। आस्था और उत्साह का यह संगम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।




