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सीहोर: मध्य प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड और लगातार गिरते तापमान का सीधा असर अब आम आदमी की थाली पर दिख रहा है। घने कोहरे के कारण खेतों में फसलें खराब होने लगी हैं, जिससे मंडियों में आवक कम हो गई है और सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
थोक विक्रेताओं के अनुसार, ठंड और कोहरे की वजह से फसलें ‘जलने’ (पाले का असर) लगी हैं। आपूर्ति (Supply) कम होने और मांग (Demand) स्थिर रहने के कारण कीमतों में तेजी आई है।
वर्तमान बाजार भाव (प्रति किलो):
- मटर और गोभी: ₹25
- आलू, पालक, मेथी, बैंगन: ₹10
- धनिया: ₹5
राहत की खबर: 2025-26 के लिए ‘बंपर उत्पादन’ का प्लान तैयार
एक तरफ जहां वर्तमान में महंगाई है, वहीं कृषि विभाग ने भविष्य के लिए सकारात्मक योजना तैयार की है। जिले में उद्यानिकी फसलों (फल, सब्जी और मसाले) के रकबे और उत्पादन को बढ़ाने का प्रस्ताव है।
उद्यानिकी विस्तार की झलक (लक्ष्य 2025-26)
| श्रेणी | वर्तमान रकबा (हेक्टेयर) | प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर) | संभावित उत्पादन (मीट्रिक टन) |
| कुल उद्यानिकी | 45,560.77 | 46,496.77 | 7,09,837.12 |
| सब्जियां | 21,923.8 | 22,223.8 | 4,16,096.2 |
| फल | 8,449.67 | 8,720.67 | 1,92,345.39 |
| मसाले | 13,153.3 | 13,463.3 | – |
फलों और मसालों पर विशेष जोर
- फल: आम, अमरूद, आंवला और सीताफल के उत्पादन में वृद्धि पर ध्यान दिया जा रहा है।
- मसाले: लहसुन, धनिया और मिर्च जैसी फसलों का क्षेत्र बढ़ाया गया है ताकि किसानों की आय में सुधार हो सके।
- अन्य: गेंदा, गुलाब जैसे फूलों और अश्वगंधा जैसी औषधीय फसलों के विस्तार का भी प्रस्ताव है।




