Drnewsindia/ खाईखेड़ा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ग्राम खाईखेड़ा में भव्य विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के लोगों ने सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीराम एवं भारत माता के चित्रों पर तुलसी के पौधे का विधिवत पूजन कर किया गया। शासकीय परिसर में आयोजित इस सम्मेलन में अनेक संत, समाजसेवी एवं संगठन के पदाधिकारी मंचासीन रहे। इस अवसर पर सरस्वती प्रमुख विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सम्मेलन के संयोजक कुवेर सिंह रहे।
हिन्दू एकता पर दिया गया बल
सम्मेलन में कथावाचक भुवनेश्वर शर्मा ने अपने उद्बोधन में समस्त हिन्दू समाज को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने नेपाल में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज को जागरूक और संगठित रहने की अपील की।
परिवार, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
मध्य प्रदेश से आए वक्ताओं ने “कुटुंब भावना” को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने पंचतत्व, हिन्दू संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, नदियों एवं गौ माता की रक्षा को समाज का मूल दायित्व बताया।
आरएसएस के 100 वर्षों की यात्रा पर प्रकाश
मुख्य वक्ता जितेंद्र खत्री ने अपने उद्बोधन में आरएसएस के 100 वर्षों की यात्रा, उसके उद्देश्यों और राष्ट्र निर्माण में संगठन की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य समाज को संगठित कर राष्ट्र सेवा की भावना को मजबूत करना है।
सम्मेलन शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में भारत माता की आरती के साथ समापन किया गया। इस विशाल हिन्दू सम्मेलन में क्षेत्र के बड़ी संख्या में सनातनी उपस्थित रहे और आयोजन को ऐतिहासिक बनाया।




