Drnewsindia.com/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा के इस मौसम में छात्रों, सहपाठियों और अभिभावकों के बीच संतुलन और सकारात्मक माहौल बनाने की अपील करते हुए एक लेख साझा किया है। इस लेख में शिक्षा के दौरान बढ़ते दबाव को कम करने और धैर्य, समझदारी व सहयोग को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री श्री जयंत चौधरी द्वारा एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए एक पोस्ट का जवाब देते हुए पीएमओ इंडिया के आधिकारिक हैंडल से लिखा गया—
“शिक्षा में दबाव पर धैर्य की जीत को प्राथमिकता दें!”
पोस्ट में कहा गया कि अंक और मूल्यांकन का अपना महत्व है, लेकिन उन्हें अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि मार्गदर्शन के रूप में देखा जाना चाहिए। लेख में इस बात पर जोर दिया गया है कि छात्रों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए सहपाठियों और अभिभावकों के बीच संतुलन और सहयोग का वातावरण बनाना बेहद जरूरी है।

लेख में यह भी कहा गया है कि परीक्षा के समय बच्चों पर अत्यधिक अपेक्षाओं का बोझ डालने के बजाय उन्हें समझने, सुनने और प्रोत्साहित करने की जरूरत है। माता-पिता और शिक्षक अगर धैर्य और संवेदनशीलता के साथ बच्चों का मार्गदर्शन करें, तो वे बेहतर प्रदर्शन के साथ-साथ आत्मविश्वास भी हासिल कर सकते हैं।
पीएमओ इंडिया ने इस लेख को परीक्षा के मौसम के लिए “अत्यंत पठनीय” बताते हुए छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से इसे पढ़ने और इसके संदेश को अपनाने की अपील की है।




