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भैरुंदा (सीहोर) | डेढ़ महीने से पुलिस को छका रहे ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग के फरार मास्टरमाइंड और उसके साथियों को आखिरकार भैरुंदा पुलिस ने दबोच लिया है। पुलिस ने न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि धोखाधड़ी की रकम भी बरामद कर ली है।
मामला क्या था? (The Case Backstory)
शास्त्री कॉलोनी निवासी रामबाबू गुप्ता ने 6 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके साले सचिन गुप्ता के साथ एक सुनियोजित साजिश के तहत धोखाधड़ी की गई। आरोपियों ने एक गैंग बनाकर फर्जी रिश्तेदार पेश किए और सचिन की शादी रानी नाम की युवती से कराई। शादी संपन्न होते ही दुल्हन और उसके साथी 1,71,000 रुपए लेकर रफूचक्कर हो गए थे।
गैंग का ‘मोडस ऑपरेंडी’ (काम करने का तरीका)
यह गैंग बेहद शातिर तरीके से काम करता था। गिरोह में हर किसी की भूमिका तय थी:
- नकली दुल्हन: रानी प्रजापति (आगरा)।
- नकली भाई-भाभी: कृष्णकुमार और दिव्या।
- फर्जी दस्तावेज: प्रियांश (विदिशा) फर्जी आधार कार्ड तैयार करता था ताकि पहचान छिपाई जा सके।
गिरफ्तारी का विवरण: कौन-कौन पहुंचा जेल?
पुलिस ने दो चरणों में इस पूरे गिरोह का सफाया किया है:
1. पहले चरण में गिरफ्तार आरोपी:
- रानी प्रजापति (32): निवासी आगरा (नकली दुल्हन)।
- दिव्या: निवासी दोराहा, सीहोर (सहयोगी)।
2. अब गिरफ्तार हुए फरार आरोपी:
- कृष्ण कुमार शर्मा उर्फ मुकेश: निवासी भोपाल (मास्टरमाइंड/फर्जी भाई)।
- राधा बाई उर्फ निम्मू बाई (50): निवासी इंदौर।
- अनवर खान: निवासी देवास।
- प्रियांश: निवासी विदिशा (फर्जी आधार कार्ड बनाने वाला)।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
भैरुंदा थाना पुलिस ने टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से आरोपियों को अलग-अलग शहरों से घेराबंदी कर पकड़ा। आरोपियों के पास से ठगी की गई राशि जब्त की गई है। कोर्ट से जेल वारंट मिलने के बाद सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
पुलिस की अपील: शादी-ब्याह जैसे मामलों में बिचौलियों और अनजान लोगों पर भरोसा करने से पहले उनके दस्तावेजों और पारिवारिक पृष्ठभूमि की अच्छी तरह जांच-पड़ताल जरूर करें।




