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भोपाल | 23 जनवरी 2026 राजधानी भोपाल में मेट्रो के ब्लू लाइन प्रोजेक्ट (भदभदा से रत्नागिरी) को लेकर सियासत और तकनीकी सुझावों का दौर शुरू हो गया है। पुलिस कमिश्नर कार्यालय में आयोजित ‘सड़क यातायात समिति’ की बैठक में सांसद आलोक शर्मा ने मेट्रो रूट को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है।
सांसद की आपत्ति: “शहर का हृदय स्थल न हो प्रभावित”
सांसद आलोक शर्मा ने मांग की है कि भारत माता चौराहे से लिली टॉकीज तक का मेट्रो रूट अंडरग्राउंड (भूमिगत) होना चाहिए।
- चिंता: सांसद का कहना है कि न्यू मार्केट और राजभवन जैसे वीआईपी इलाकों में एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनने से भविष्य में पार्किंग और ट्रैफिक की भीषण समस्या खड़ी होगी।
- समर्थन: विधायक भगवानदास सबनानी ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि राजभवन, सीएम हाउस और लाल परेड ग्राउंड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा और स्वरूप के लिए अंडरग्राउंड रूट ही बेहतर विकल्प है।
⚠️ ज़मीनी हकीकत: क्या अब बदलाव संभव है?
एक तरफ जनप्रतिनिधि अंडरग्राउंड रूट की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रोजेक्ट का काम काफी आगे बढ़ चुका है:
- 6 महीने से काम जारी: इस रूट पर निर्माण कार्य पिछले आधे साल से चल रहा है।
- पिलर का काम शुरू: एलिवेटेड रूट के लिए पिलर (खंभे) खड़े होने शुरू हो गए हैं।
- लागत का गणित: अंडरग्राउंड रूट की लागत एलिवेटेड के मुकाबले कई गुना अधिक होती है, ऐसे में बीच काम में डिज़ाइन बदलना बड़ी चुनौती होगी।
बैठक के मुख्य बिंदु:
- फोन पर निर्देश: सांसद शर्मा ने मीटिंग के दौरान ही मेट्रो अधिकारियों को कॉल कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
- वीआईपी ज़ोन पर फोकस: न्यू मार्केट और रंगमहल क्षेत्र में मेट्रो स्टेशनों के आने से बढ़ने वाले दबाव पर चिंता जताई गई।
- पार्किंग संकट: जनप्रतिनिधियों का मानना है कि एलिवेटेड स्टेशनों के पास पर्याप्त पार्किंग स्पेस उपलब्ध नहीं हो पाएगा।




