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सीहोर। जिले में मंगलवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी-तूफान के साथ कई इलाकों में हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। जिले के जावर, मेहतवाड़ा, सिद्धिगंज, मैना सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में करीब आधे घंटे तक गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी रबी फसलों को प्रभावित किया है।
किसानों के अनुसार, तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण गेहूं और चने की फसलें खेतों में आड़ी हो गईं। जावर, डोडी और खटसुरा क्षेत्र में गेहूं की बालियां टूटने से पैदावार में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। किसान विक्रम सिंह और अजय सिंह ने बताया कि फसल लगभग पकने की स्थिति में थी, ऐसे में हुए नुकसान से आर्थिक संकट बढ़ गया है।
बारिश का असर कृषि उपज मंडियों में भी देखने को मिला। जिले की मंडियों में खुले में रखा अनाज बारिश से भीग गया, जिससे किसानों और व्यापारियों को नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बनी।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में यह बदलाव आया है। विभाग ने 28 जनवरी को भी जिले में बारिश की संभावना जताई है। किसानों को सलाह दी गई है कि कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें, अनाज को तिरपाल से ढंकें और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें।
| क्षेत्र | प्रभाव का प्रकार | नुकसान का अनुमान |
| जावर/मेहतवाड़ा | भारी ओलावृष्टि | गेहूं की फसल को 40-50% नुकसान |
| सिद्धिगंज/मैना | तेज हवा व बारिश | चने की फसल प्रभावित |
| आष्टा मंडी | जलभराव | खुले में रखा अनाज भीगा |




