Drnewsindia
राजगढ़ (खिलचीपुर) | खिलचीपुर की सड़कें बुधवार को जय श्रीराम के उद्घोष और शौर्य प्रदर्शन की साक्षी बनीं। हिंदू सम्मेलन के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य चल समारोह में आस्था, अनुशासन और साहस का अद्भुत नजारा देखने को मिला। 1,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवा वस्त्र और पगड़ी पहनकर इस समारोह की शोभा बढ़ाई।

वीरांगनाओं का शौर्य और अखाड़े के करतब
समारोह का मुख्य आकर्षण हिंदू वीरांगना वाहिनी की युवतियां रहीं, जिन्होंने हाथों में लाठियां और तलवारें थामकर युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया।
- बजरंग अखाड़ा: डीजे की धुन पर युवाओं ने शारीरिक संतुलन और साहस के हैरतअंगेज करतब दिखाए।
- ऐतिहासिक रूप: घोड़ों पर सवार ‘झांसी की रानी’, शिवाजी महाराज और रानी दुर्गावती के वेश में सजे बच्चों ने लोगों का मन मोह लिया।

झांकियों में झलकी सर्वसमाज की एकता
समारोह में विभिन्न समाजों की झांकियों ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया:
- नामदेव समाज: संत नामदेव और भगवान विट्ठल की झांकी के साथ झांझ-मंजीरे पर कीर्तन करते श्रद्धालु।
- धार्मिक झांकियां: भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता के साथ-साथ महर्षि वाल्मीकि, संत शिरोमणि रविदास और फलोदी माता के रथ शामिल थे।
- ब्रह्माकुमारी आश्रम: चेतन देवियों की झांकी के साथ मीराबाई और भारत माता के स्वरूप ने आध्यात्मिकता का प्रसार किया।

कलश यात्रा और नगर भ्रमण
समारोह की शुरुआत सुबह 11:30 बजे झालावाड़ नाके के लालदास मंदिर से हुई। सैकड़ों महिलाएं सिर पर मंगल कलश लेकर अनुशासन के साथ चल रही थीं। मार्ग: बस स्टैंड ➔ तोपखाना गेट ➔ सुभाष चौक ➔ सराफा बाजार ➔ पिपली बाजार ➔ पटवा बाजार।
विशेष आकर्षण: कलाकार रोशन साहू भगवान शंकर के रूप में नजर आए, जिनके ‘तीसरे नेत्र’ से निकलती अग्नि ने दर्शकों को स्तब्ध कर दिया।

धर्मसभा के साथ समापन
नगर भ्रमण के बाद यह विशाल चल समारोह स्टेडियम ग्राउंड पहुँचा, जहाँ समापन के पश्चात एक भव्य धर्मसभा का आयोजन किया गया। पूरे मार्ग में स्थानीय निवासियों ने पुष्पवर्षा कर समारोह का स्वागत किया।




