drnewsindia
गैरतगंज | रायसेन से राहतगढ़ तक करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क निर्माण परियोजना में गंभीर लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। एमपीआरडीसी (मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम) के इस प्रोजेक्ट में ठेकेदार एजेंसी पर घटिया सामग्री के उपयोग, तकनीकी मानकों की अनदेखी और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए जा रहे हैं।
पुरानी पुलिया को नया बताने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम बीनापुर में स्थित एक पुरानी पुलिया को पूरी तरह तोड़े बिना ही आंशिक निर्माण कर दिया गया, जबकि शेष हिस्से पर केवल रंग-रोगन कर उसे नया दिखाया जा रहा है। इससे निर्माण की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण में तय चौड़ाई और गहराई के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। कई स्थानों पर बिना पर्याप्त निरीक्षण के जल्दबाजी में रात के समय डामरीकरण कर औपचारिकता निभाई जा रही है।
धूल और गड्ढों से बिगड़ा जनजीवन
निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर बिखरी गिट्टी, मुरम और मिट्टी से वाहन चालकों को संतुलन बनाए रखने में कठिनाई हो रही है। दिनभर उड़ती धूल से दुकानदारों और स्थानीय रहवासियों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और एलर्जी की शिकायतें बढ़ रही हैं।
धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा, जिससे क्षेत्र में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी, हादसों का खतरा
बस और ट्रक चालकों का कहना है कि कई जगह सड़क खोदकर छोड़ दी गई है। रात के समय न तो पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था है और न ही चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। खराब सड़क की वजह से समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है।
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने एमपीआरडीसी, लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से सड़क निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने, नियमित पानी का छिड़काव सुनिश्चित करने और निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है।




