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नई दिल्ली | संसद सत्र
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। पीएम की स्पीच के दौरान विपक्षी दलों ने हंगामा किया और बाद में वॉकआउट कर सदन से बाहर चले गए। विपक्ष की गैरमौजूदगी में प्रधानमंत्री ने अपना संबोधन जारी रखा।
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “जिन लोगों ने संविधान का सबसे ज़्यादा अपमान किया, उन्हें आज संविधान शब्द बोलने का कोई अधिकार नहीं है।”
लोकसभा हंगामे पर पीएम का वार
प्रधानमंत्री ने एक दिन पहले लोकसभा में हुए घटनाक्रम को “दर्दनाक” बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा नहीं होने देना संविधान और राष्ट्रपति पद — दोनों का अपमान है। उन्होंने कहा कि सदन में चेयर पर कागज़ फेंके गए, जो न सिर्फ संसदीय मर्यादा बल्कि पूरे देश का अपमान है।
पीएम मोदी ने असम और आंध्र प्रदेश से जुड़े सांसदों का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्रीय और सामाजिक सम्मान पर भी हमला है, जिसे देश कभी नहीं भूलेगा।
सिख समुदाय और कांग्रेस पर गंभीर आरोप
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर सिख समुदाय के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि एक सिख सांसद को ‘गद्दार’ कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार ने देश के लिए बलिदान दिए हों, उस पर ऐसे आरोप अहंकार और नफरत की राजनीति को दिखाते हैं।
‘कांग्रेस के लिए नागरिक समस्या, हमारे लिए समाधान’
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक देश की जनता को समस्या के रूप में देखा, जबकि उनकी सरकार 140 करोड़ भारतीयों को समाधान मानती है।
उन्होंने आकांक्षी जिलों, बस्तर विकास, बुनियादी ढांचे और लंबित परियोजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि अब शासन का तरीका बदला है।
पीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री स्तर पर निगरानी के कारण 85 लाख करोड़ रुपये की अटकी परियोजनाएं पूरी हुईं, जिनमें रेल, सड़क और सिंचाई जैसे बड़े सेक्टर शामिल हैं।
अर्थव्यवस्था, बैंकिंग और सुधार
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले फोन कॉल पर लोन मिलते थे और एनपीए बढ़ता जा रहा था। आज रिफॉर्म्स के चलते एनपीए एक फीसदी से भी नीचे आ गया है।
उन्होंने मुद्रा लोन, पीएसयू के रिकॉर्ड मुनाफे और किसान सम्मान निधि का भी उल्लेख किया।
‘दुनिया भारत की ओर देख रही है’
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड के बाद बदले वैश्विक हालात में भारत आज ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बनकर उभरा है।
भारत की ट्रेड डील्स, युवा आबादी और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ने दुनिया का भरोसा जीता है।
उन्होंने कहा कि भारत अब “फ्रेजाइल फाइव” नहीं, बल्कि जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है।
विपक्ष पर तंज
वॉकआउट पर चुटकी लेते हुए पीएम मोदी ने कहा,
“जो लोग थक गए, वो चले गए… लेकिन कभी न कभी जवाब देना पड़ेगा।”




