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राजगढ़/माचलपुर। मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा पर बसे गोघटपुर गांव में एक साधारण से दिखने वाले कच्चे मकान के भीतर नशीली दवाओं का काला कारोबार फल-फूल रहा था। मंगलवार देर रात पुलिस की संयुक्त टीम ने यहाँ चल रही अवैध ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया, लेकिन मुख्य आरोपी रघुनंदन पाटीदार चकमा देकर भागने में सफल रहा।
ग्राउंड रिपोर्ट: दो मंजिला मकान में ‘मौत का सामान’
मुख्य बाजार के पास एक संकरी गली में स्थित आरोपी का पुराना दो मंजिला घर बाहर से तो शांत दिखता था, लेकिन अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। फैक्ट्री से बरामद सामान की सूची:
- मशीनरी: नशीला पाउडर तैयार करने के लिए आटा चक्की और इंडक्शन चूल्हे।
- उपकरण: वजन करने के लिए तीन डिजिटल कांटे और बड़ी पीतल की थालियां।
- रॉ मटेरियल: भारी मात्रा में संदिग्ध केमिकल और ड्रग बनाने की सामग्री।
परिजनों का दावा: “बेटा तो खेती करता है”
जब मीडिया टीम आरोपी के घर पहुँची, तो वहाँ सन्नाटा और दहशत का माहौल था। रघुनंदन की माँ, रुक्मण पाटीदार ने बेटे का बचाव करते हुए कहा:
“पुलिस अचानक आई और घर की तलाशी ली। मेरा बेटा तो खेती-किसानी करता है, हमें किसी मादक पदार्थ के काम की जानकारी नहीं है। वह सफेद फॉर्च्यूनर भी हमारी नहीं है जिसके बारे में पुलिस बात कर रही है।”
वहीं, आरोपी के चाचा राधेश्याम ने बताया कि रघुनंदन मंगलवार को खेत पर पानी फेरने (सिंचाई) गया था और उसके बाद रिश्तेदारी में जाने का बोलकर निकला, तब से उसका कोई सुराग नहीं है।
सीमावर्ती इलाके में बड़ी चुनौती
राजस्थान के झालावाड़ जिले से महज 2 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में ड्रग फैक्ट्री का मिलना सुरक्षा और खुफिया तंत्र पर बड़े सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर चर्चा है कि पुलिस की नाक के नीचे इतने समय से यह अवैध धंधा कैसे चल रहा था।
मुख्य बिंदु: अब तक क्या हुआ?
- संयुक्त कार्रवाई: राजस्थान और मध्यप्रदेश पुलिस ने मिलकर मारा छापा।
- फरार आरोपी: मास्टरमाइंड रघुनंदन पाटीदार की तलाश में पुलिस की टीमें रवाना।
- सामग्री जब्त: पुलिस ने चक्की, चूल्हे और केमिकल सहित सारा सामान जब्त किया है।




