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बरखेड़ा हसन (जिला डेस्क) | 8 फरवरी, 2026
जनपद के बरखेड़ा हसन क्षेत्र में शनिवार से भक्ति, शक्ति और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। स्थानीय श्रीराम जानकी मंदिर परिसर के सानिध्य में आयोजित सात दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा का अत्यंत भव्य और गरिमामयी शुभारंभ हुआ। आयोजन के पहले दिन निकली विशाल कलश यात्रा ने न केवल पूरे नगर को भक्ति रस में सराबोर कर दिया, बल्कि क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द और अटूट श्रद्धा की एक नई मिसाल भी पेश की।
केसरिया रंग में रंगा नगर: कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
कार्यक्रम की शुरुआत शनिवार, 7 फरवरी को सुबह शुभ मुहूर्त में वेदोक्त मंत्रोच्चार के साथ हुई। कलश यात्रा श्रीराम जानकी मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई, जिसमें भारी संख्या में ग्रामीण और दूर-दराज से आए श्रद्धालु शामिल हुए।
- मातृशक्ति का संगम: यात्रा में पीत वस्त्र धारण किए हुए सैकड़ों महिलाएं अपने सिर पर मंगल कलश लेकर चल रही थीं। श्रद्धालुओं का कहना था कि यह दृश्य साक्षात देवलोक जैसा प्रतीत हो रहा था।
- ध्वज-पताका और रामधुन: पुरुष श्रद्धालु हाथों में धर्म की ध्वजा लेकर ‘जय श्री राम’ के जयकारे और रामधुन गाते हुए चल रहे थे। डीजे पर बजते भक्ति भजनों और ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते बच्चों के उत्साह ने यात्रा को और भी जीवंत बना दिया।
- नगर भ्रमण: यह शोभायात्रा मुख्य बाजार, हरिजन मोहल्ला, सिंधी चौक और पंचमुखी हनुमान मंदिर जैसे प्रमुख स्थानों से होकर गुजरी। नगरवासियों ने अपने घरों के बाहर खड़े होकर यात्रा पर पुष्प वर्षा की और प्रभु राम के जयकारे लगाए।
काशी और वृंदावन की विभूतियों का समागम
इस आयोजन की गरिमा को बढ़ाने के लिए कथा के प्रथम दिवस पर काशीपीठाधीश्वर श्रीमद जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी डॉ. रामकमलाचार्य वेदांती जी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संक्षिप्त संबोधन में श्रीराम कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे जीवन के अंधकार को मिटाने वाली ज्योति बताया।
अब अगले सात दिनों तक (13 फरवरी तक), वृंदावन की विख्यात कथा वाचिका साध्वी हरिप्रिया दासी ‘मानस मंदाकिनी’ जी अपनी मधुर वाणी से श्रीराम के आदर्शों का व्याख्यान करेंगी।
“श्रीराम कथा केवल एक कहानी नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। यह मर्यादा, प्रेम और धर्म का वह मार्ग है जो हर मनुष्य को श्रेष्ठता की ओर ले जाता है।” — साध्वी हरिप्रिया दासी
आयोजन से जुड़ी मुख्य जानकारी (Quick Facts)
- कथा स्थल: श्रीराम जानकी मंदिर परिसर के सामने।
- कथा का समय: प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से।
- समापन तिथि: 13 फरवरी, 2026 (पूर्णाहुति एवं भंडारा)।
- विशेष आकर्षण: संगीतमयी झांकियां और मानस व्याख्यान।
श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बरखेड़ा हसन में इस तरह के भव्य आयोजन से वातावरण शुद्ध और सकारात्मक हो गया है। कथा के पहले दिन ही हजारों की संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की कथा आज भी जन-मानस के हृदय में अटूट स्थान रखती है।




