शहडोल | मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शहडोल (धनपुरी) दौरे के दौरान जबरदस्त हंगामा हुआ। वाटर पार्क के लोकार्पण के लिए जा रहे सीएम के काफिले को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए और रास्ता रोकने की कोशिश की। इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 17 नामजद कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज किया है, जिनमें से 3 को जेल भेज दिया गया है।
क्या था पूरा मामला?
रविवार को धनपुरी में कार्यक्रम स्थल से मात्र 200 मीटर पहले गोपालपुर तिराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए जुटे थे।
- काफिला रुका: विरोध के चलते सीएम का काफिला कुछ देर के लिए रुक गया।
- कलेक्टर ने संभाला मोर्चा: स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए खुद कलेक्टर को गाड़ी से उतरकर मोर्चा संभालना पड़ा। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में प्रशासन की सख्ती साफ देखी जा सकती है।
- नारेबाजी: कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाए और काले झंडे लहराए।
⚖️ कानूनी कार्रवाई और धाराएं
पुलिस ने कोतवाली एएसआई की शिकायत पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और रास्ता रोकने की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
जेल भेजे गए कार्यकर्ता:
- शेख साजिद (26): निवासी सोहागपुर
- आशु चौधरी (18): निवासी शहडोल
- सत्यम प्रजापति (18): निवासी शहडोल

थाना प्रभारी का बयान: “रास्ता रोककर सरकारी काम में रुकावट डालने के आरोप में कार्रवाई की गई है। अन्य फरार कार्यकर्ताओं की तलाश जारी है।”
कांग्रेस का पक्ष: ‘लोकतंत्र में विरोध हमारा अधिकार’
मामले पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष अजय अवस्थी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है:
- उन्होंने कहा कि विरोध करना एक लोकतांत्रिक अधिकार है।
- यदि कार्यकर्ताओं पर बेवजह और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की गई है, तो कांग्रेस इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करेगी।
इन कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुई FIR (प्रमुख नाम)
पुलिस ने कुल 17 लोगों को नामजद किया है, जिनमें प्रमुख हैं:

- शेख साजिद, सत्यम प्रजापति, आशु चौधरी
- सौरव सिंह उर्फ मन्नू, अंकित सिंह, अतिराज सिंह
- मो. आरिफ, विक्की पटेल, नीलम सिंह
- नेहा खान, रविकांत शर्मा, संतोष सिंह सेंगर, निक्की तिवारी आदि।




